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युवाओं को उद्यमशील बनाने की बेहतर जानकारी देती पुस्तिका

उद्यमशीलता विकास पुस्तिका का विमोचन
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 28 Jan 2021, 7:37 PM IST

युवाओं को उद्यमशील बनाने की बेहतर जानकारी देती पुस्तिका

युवाओं को उद्यमशील बनाने की बेहतर जानकारी देती पुस्तिका

बाड़मेर. कृषि विज्ञान केन्द्र गुड़ामालानी ंकी ओर से गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की एक पुस्तिका उद्यमशीलता विकास प्रकाशित की गई, जिसका विमोचन कृषि विश्ववि़द्यालय, जोधपुर कार्यालय में कुलपतिडॉ. बी.आर. चौधरी ने किया।

इस अवसर पर बोलते हुए कुलपति ने कहा कि यह एक अच्छा प्रयास है, युवाओं को उद्यमशील बनाने के लिए इस पुस्तिका के माध्यम से बहुत सारी जानकारी उपलब्ध हो जाएगी। साथ ही प्रवासी कामगारों को फायदा मिलेगा। इस अवसर पर निदेशक, प्रसार शिक्षा निदेशालय, कृषि विश्वविद्यालय, जोधपुर डॉ. ईश्वर सिंह ने कहा कि इस तरह की पुस्तिका से युवाओं को विभिन्न प्रकार के उद्यम जैसे नर्सरी प्रबंधन, मुर्गीपालन, मूल्य संवद्र्धन आदि की जानकारी मिल सकेगी। कृषि विज्ञान केन्द्र, गुड़ामालानी के प्रभारी डॉ. प्रदीप पगारिया ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 6 राज्यों के 116 जिलों में 125 दिनों तक प्रवासी श्रमिकों की सहायता के लिए मिशन मोड में चलाया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य लॉकडाउन के दौरान अन्य राज्यों या जिलों से आए प्रवासी मजदूर जो बेरोजगार हो गए हैं उन्हें कौशल प्रशिक्षण से अपने गृह जिले में ही रोजगार के उत्तम अवसर प्रदान करना है।

कृषि विज्ञान केन्द्र सिरोही के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह चंादाावत, कृषि विज्ञान केन्द्र फलोदी के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. सेवाराम कुमावत, कृषि विज्ञान केन्द्र अठियासन के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. गोपी चंद, कृषि विज्ञान केन्द्र मोलासर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. अर्जुनलाल, कृषि विज्ञान केन्द्र जालोर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार, डॉ. विनय कुमार आदि उपस्थित थे।

समन्वित कृषि प्रणाली व बागवानी पर ध्यान देने की जरूरत

- नई कमठाई व जूनामीठाखेड़ा में कृषि विशेषज्ञों का भ्रमण

बाड़मेर. मौसम के साथ समन्वित कृषि प्रणाली एवं बागवानी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बाड़मेर जिले में नवाचार एक अच्छा सुखद परिणाम है जो आने वाले समय में कृषि से बाड़मेर की अर्थव्यवस्था में बड़ा परिवर्तन लाएगा। आने वाले समय में अनार के साथ अंजीर, खजूर आदि की उत्पादकता अच्छी मात्रा में एवं अच्छी गुणवतायुक्त इस जिले में होगी। उक्त उद्गार कुलपति कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर डॉ. बी.आर. चौधरी ने नई कमठाई, जूनामीठाखेड़ा आदि गांव के भ्रमण के दौरान कही।