-आरएलपी बजरी मुद्दे पर बालोतरा में दे रही है धरना बजरी को लेकर पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन की तैयारी कर रही है
बाड़मेर. बजरी दरों को कम करने को लेकर आरएलपी की ओर से बालोतरा में पिछले 35 दिनों से बेमियादी धरना दिया जा रहा है। पार्टी के नेताओं ने रविवार को एडीएम बाड़मेर से मिलकर धरनार्थियों को सुरक्षा देने की मांग की है। आरएलपी का आरोप है कि धरना स्थल पर शुक्रवार देर रात में कार्यकर्ताओं पर रॉयल्टी कार्मिकों ने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने भागकर जान बचाई। इसलिए सुरक्षा दी जाए।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश महामंत्री उम्मेदाराम बेनीवाल ने बताया कि बजरी की मनमानी कीमतों के विरोध में रॉयल्टी कार्मिकों के खिलाफ आंदोलन करते हुए बालोतरा में धरना दिया जा रहा है। सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। पार्टी के लगातार आंदोलन से अब रॉयल्टी कार्मिक बौखला गए है। इसके कारण धरने पर रात को गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। सूचना पर बालोतरा पुलिस व एसडीएम मौके पर पहुंचे। बेनीवाल ने बताया कि इस प्रकरण में थाने में मामला दर्ज करवाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते एडीएम अश्विनी के पंवार से मिलकर मामले से अवगत करवाया। एसपी को फोन पर पूरे मामले की जानकारी दी है।
बाड़मेर आएंगे नागौर सांसद
आरएलपी के गजेंद्रसिंह ने बताया कि कार्यकर्ता शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे हैं। बजरी के मुद्दे को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल से भी नागौर में उनके निवास पर मुलाकात कर उन्हें जानकारी दी। उनका बाड़मेर दौरे पर आने का कार्यक्रम जल्द बनेगा। बजरी को लेकर पार्टी पूरे प्रदेश में आंदोलन की तैयारी कर रही है।
पुलिस में दी रिपोर्ट
बालोतरा पुलिस थाने में ओमप्रकाश पुत्र गेनाराम ने रिपोर्ट दी कि शुक्रवार देर रात को भजन कीर्तन के बाद धरना स्थल पर कार्यकर्ता सो रहे थे। इस दौरान कैम्पर में सवार दो लोग और और गाड़ी को रोका तथा थानसिंह के बारे में पूछा। फिर रात ढाई बजे दोनों व्यक्ति गाड़ी लेकर फिर आए और जान से मारने की नियत से वाहन को धरने के टेंट के भीतर घुसा दिया। धरनार्थिायों ने भागकर जान बचाई।
इन मांगों को लेकर आरएलपी कर रही आंदोलन
-बजरी की दर सभी प्रकार के शुल्क सहित 100 रुपए प्रतिटन
-ठेकेदार के कार्मिकों का पुलिस सत्यापन किया जाए
-गुड़ामालानी व समदड़ी क्षेत्र के सभी बजरी के स्रोत शुरू होने चाहिए
-बजरी बेचने के बिल की राशि बैंक खाते में हो जमा
-रॉयल्टी नाके पर ठेकेदार के कार्मिकों के अलावा कोई दूसरा नहीं हो
-किसानों को टै्रक्टर से बजरी ले जाने पर किसी तरह का शुल्क नहीं