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बाड़मेर. प्रदेश की चयनित 332 चिकित्सा संस्थानों को विकसित किया जा रहा है। यहां पर बड़े अस्पतालों की तरह सीमित में सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। यह तैयारी प्रदेश में कोविड की तीसरी लहर के मद्देनजर की जा रही है। बाड़मेर जिले में 13 चिकित्सा संस्थान चयनित किए गए हैं। यह इसलिए किया जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में ही मरीजों को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) की चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कोविड की दूसरी लहर के दौरान जिला अस्पताल पर सबसे अधिक मरीजों का दबाव रहा था। इसके कारण दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले कोविड पीडि़तों को भारी दिक्कतें हो हुई। इसे देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में बड़े कस्बों के सीएचसी पर ही बड़े अस्तपालों में मिलने वाली आइसीयू और एचडीयू की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी। जिससे मरीजों को नजदीक उपचार मिल सके और जिला स्तर के अस्पताल पर दबाव भी नहीं बढ़े।
बाड़मेर में उपजिला अस्पताल सहित 13 संस्थान
उपजिला अस्पताल बालोतरा सहित कुल 13 संस्थानों का चयन किया गया है। इसमें 12 सीएचसी शामिल है। चयन के बाद अब इन चिकित्सा संस्थानों में मिलने वाली हाई फोकस फैसिलिटी की श्रेणी निर्धारित कर दी गई है। इसमें बाड़मेर के 6 चिकित्सा संस्थानों को ए, 5 को बी तथा सी श्रेणी में 2 सीएचसी की सुविधाएं शामिल की गई है। सभी 13 चिकित्सा संस्थानों में कुल 53 आइसीयू/एचडीयू बेड की चिकित्सा सुविधा मिलेगी।
क्या है एचएफएफ
चयनित चिकित्सा चिकित्सा संस्थानों में आइसीयू/एचडीयू प्रस्तावित है। यहां सभी में बेड की संख्या निर्धारित कर दी गई है। संस्थानों में आइसीयू/एचडीयू को हाई फोकस फैेसिलिटी (एचएचएफ) के तहत क्रमबद्ध विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। संस्थानों को आइसीयू बेड उपलब्ध करवा दिए गए हैं और अन्य सामान भी जल्द उपलब्ध करवाया जा रहा है। निदेशक (जन स्वास्थ्य) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं जयपुर की ओर से संस्थानों में सुविधाओं को विकसित करने को लेकर प्रदेश के समस्त सीएमएचओ को पत्र भेजा है।
Published on:
29 Oct 2021 09:25 pm
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