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भारतमाला प्रोजेक्ट : सुंदरा-म्याजलार के बीच 36 किमी हाईवे दो साल से अटका

- दो साल से डीएनपी ने नहीं मिली एनओसी, हाईवे नहीं होने पर सड़क मार्ग पर आ गई रेत, हाईवे पर यातायात हो रहा प्रभावित
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बाड़मेर

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bhawani singh

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Updated: 31 Jul 2021, 8:29 PM IST

Barmer news

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बाड़मेर. पश्चिमी सरहद पर सैन्य बलों की सुगम आवाजाही और सीमावर्ती क्षेत्र के बाशिंदों को मूलभूत सुविधा मुहैया करवाने के लिए केन्द्र सरकार के भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत प्रस्तावित सुंदरा-म्याजलार के बीच हाईवे निर्माण कार्य डीएनपी के एतराज पर अटक गया था। दो साल का समय बीतने के बावजूद डीएनपी ने वन्यजीवों की सुरक्षा को खतरा बताते हुए एनओसी नहीं दी गई है। ऐसे में यह हाईवे बीच में अटका हुआ है।


देश की सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा भारतमाला प्रोजेक्ट में डीएनपी ने रोड़ा अटकाया है। इसमें 36 किमी सड़क का निर्माण अटक गया है। डीएनपी से सड़क निर्माण की अनुमति नहीं मिल पाई है। अनुमति मिलती है तो 310 किमी के साथ 36 किमी डीएनपी क्षेत्र की सड़क बन सकेगी। हाईवे के बीच 36 किमी निर्माण नहीं होने पर आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


यहां अटका है काम
एनएच-70 के मुनाबाव-सुंदरा-म्याजलार,धनाना-आसूतार-घोटारू-लोंगेवाला-तनोट खण्ड की कुल लंबाई 273 किमी है। इसका डीएनपी क्षेत्र में सुंदरा व म्याजलार के बीच 36 किमी कार्य अटका हुआ है। इसके अलावा सम्पूर्ण कार्य पूर्ण हो चुका है।


चालक परेशान, सड़क पर रेत जमा
मुनाबाव से तनोट के बीच सड़क का निर्माण हुआ है। इस बीच बाड़मेर के सुंदरा-म्याजलार के बीच 36 किमी अटका हुआ है। ऐसे में सड़क मार्ग पर रेत जमा हो गई है, ऐसे में चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


- परेशानी झेल रहे है
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत सुंदरा-म्याजलार के बीच 36 किमी रास्ता करीब दो साल से अटका हुआ है। इससे यातायात प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण भी परेशान है। हाईवे पूरा बन गया है, यह 36 किमी परेशानी का सबब बना हुआ है। - श्यामसिंह सोढ़ा, सरपंच, सुंदरा


- डीएनपी से एनओसी नहीं मिली
सुंदरा से आगे निर्माण की डीएनपी से एनओसी नहीं मिली है। प्रस्ताव दो साल से भेज रहे है। स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे कुछ होगा। - जितेन्द्र चौधरी, निदेशक,एनएचएआइ, बाड़मेर