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ऊंटों के प्रदेश में घोड़े दिला रहे मेडल, राष्ट्रीय स्तर पर बाड़मेर का नाम

- घुड़सवारी में मिले पांच पदक

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बाड़मेर . राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता में बाड़मेर के चार घुड़सवारों ने पांच मेडल अपने नाम किए। यह पहला अवसर है, जब बाड़मेर के घुड़सवारों ने एक साथ इतने मेडल जीते हैं। इन मेडलिस्ट में दो सगे भाई बहन है।
जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय घुड़सवारी प्रतियोगिता एंडोरेंस 40 किलोमीटर प्रतियोगिता सीनियर वर्ग में श्रवणसिंह भाटी ने व्यक्तिगत कांस्य पदक जीता। इसी वर्ग में टीम इवेंट में श्रवणसिंह भाटी व कंचन राठौड़ ने रजत पदक हासिल किया। इसी वर्ग में टीम इवेंट में रवीन्द्रसिंह ने कांस्य पदक जीता। इसी प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में युवराज सिंह राठौड़ ने टीम इवेंट में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। श्रवण सिंह ने अपनी गलोरी घोड़ी के साथ अच्छा तालमेल बनाकर रखा और अंत में एक व्यक्तिगत व एक टीम के साथ कुल दो मेडल अपने नाम किए। प्रतियोगिता 20 से 22 जनवरी को आयोजित हुई।

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बहन-भाई पिता के नक्शे कदम पर
कनोड़ा निवासी कंचन राठौड़ व युवराजसिंह अपने पिता व कोच कैप्टन गुलाबसिंह राठौड़ के नक्शेकदम पर है। गुलाबसिंह ने घुड़सवारी में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 320 से अधिक मेडल अपने नाम किए। कंचन व युवराज अपनी सफलता का श्रेय पिता केप्टन गुलाबसिंह के साथ-साथ जितेंद्रसिंह और भगवान सिंह को देते हैं। उंडखा निवासी रविन्द्रसिंह ने भी अपनी सफलता का श्रेय केप्टन गुलाबसिंह को दिया। रविन्द्र के पिता नीम्बसिंह किसान है।

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ओलम्पिक मेडल लक्ष्य
जयपुर में इन सभी खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे केप्टन गुलाबसिंह राठौड़ ने बताया कि उनका लक्ष्य है कि घुड़सवारी में ओलम्पिक में देश के नाम मेडल हो। खिलाड़ियों की मेहनत से आने वाले दिनों में यह मुकाम भी हासिल होगा।

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