दसवीं बोर्ड की परीक्षा में 98.33 अंक हासिल करने वाली सोनू को पहले से विश्वास था कि अंक तो इतने ही आएंगे। मां का प्रोत्साहन, स्कूल का अध्ययन और खुद की मेहनत तीनों इसके हकदार है। सोनू कहती है कि हिन्दी में सौ में से सौ आए,इसकी खुशी है। दोनों मां-बेटी बोली-अब तो जीवन का लक्ष्य आइएएस है।