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अवैध शराब का कारोबार करने वालों के साथ सरकार : छाबड़ा

शराब बंदी को लेकर संघर्षरत एवं यूथ अगेंस्ट सीएलयू की मुखिया पूजा छाबड़ा ने आरोप लगाया कि बाड़मेर  में

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Mukesh Kumar Sharma

Apr 08, 2016

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बाड़मेर।शराब बंदी को लेकर संघर्षरत एवं यूथ अगेंस्ट सीएलयू की मुखिया पूजा छाबड़ा ने आरोप लगाया कि बाड़मेर में जहरीली शराब से हो रही मौतों में पुलिस, प्रशासन, आबकारी विभाग व सरकार का हाथ अवैधियों के साथ है। सरकार की नाक के नीचे अवैध करोबार हो रहा है। पूरे राजस्थान में अवैध शराब से हाहाकार मचा हुआ है। गुरुवार को बाड़मेर आई छाबड़ा ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि बीते चार दिनों से बाड़मेर जिले में 17 लोगों की मौत हो गई है, लेकिन सरकार चुप बैठी है। इससे सीधा जाहिर होता है कि अवैध शराब का कारोबार करने वालों के साथ सरकार का हाथ है।


पूर्व विधायक दिवंगत गुरुशरण छाबड़ा की पुत्रवधु पूजा ने कहा कि गरीब परिवारों का क्या कसूर है? 17 मौतों के लिए सरकार जिम्मेदार है। इसके लिए सरकार मृतक के परिवारों को मुआवजा व नौकरी दे, क्योंकि सरकार की कमजोरी के कारण राजस्थान में ऐसे हादसे हो रहे हैं। सरकार को जनता से कोई लेना-देना नहीं है। उसे तो सिर्फ अपने राजस्व से मतलब है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी को लेकर संघर्षरत रहे दिवंगत गुरुशरण छाबड़ा ने भी राजस्थान में शराब बंद करवाने को लेकर कई बार भूख हड़ताले की, लेकिन सरकार ने उनकी एक भी नहीं सुनी। इसी संघर्ष में उन्होंने प्राण त्याग दिए। हम जनता को जागरूक कर प्रदेश में शराबबंदी के लिए जागृति अभियान चला रहे हैं।

जो पार्टी शराब बंद करेगी, अगली सरकार उसी की बनेगी। उन्होंने कहा कि हम संगठन बना कर महिलाओं को आगे लाकर शराब को बंद करवाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने हमें शराब को लेकर तीन महीने का समय दिया था, लेकिन चार महीने बीत गए हैं। हमसे कोई बात तक नहीं की और अब हमें कोई वार्ता करनी भी नहीं है। मैं तो शराब बंदी को लेकर लड़ती रहूंगी और प्रदेश को शराब मुक्त करवाने का सपना पूरा करूंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को हर वर्ष शराब से करोड़ों रुपए की कमाई होती है। ये कमाई कहां गई? किसान व विद्यार्थी आत्महत्याएं कर रहे हैं। भ्रष्टाचार दिनों-दिन बढ़ रहा है, लेकिन इस सरकार को तो सिर्फ अपनी जेब भरनी है, जनता से कोई लेना-देना नहीं है।


बाड़मेर अवैध शराब का गढ़

बाड़मेर में अवैध शराब के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिले में पिछले 50 वर्षों से अवैध शराब का कारोबार हो रहा है तो वह किसी छोटे आदमी का नहीं है, बल्कि बड़े माफियों का हाथ है। यह जिला अवैध शराब का गढ़ है।