
Illegal poppy cultivation
बाड़मेर. सिणधरी थाना क्षेत्र के गोगाजी का धोरा (भाटा) में एक किसान ने अनार की आड़ में बिना किसी भय के अफीम की फसल उगा दी। अफीम के एक-दो पौधे नहीं यहां तो 8 हजार 824 पौधे आठ माह से फलते-फूलते रहे, लेकिन किसी भी जिम्मेदार विभाग को खबर तक नहीं लगी। हालांकि एक मुखबिर की सूचना के बाद आनन-फानन में पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कार्रवाई को अंजाम दिया। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले सेड़वा क्षेत्र में अफीम की खेती करने का मामला पकड़ा गया था।
बाड़मेर जिले में अब तक तस्करी के जरिए अफीम व डोडा-पोस्त पहुंचाने के मामले सामने आते रहे है। इतना ही नहीं प्रदेश भर में बाड़मेर जिले के तस्करों का एक मजबूत नेटवर्क है। मादक पदार्थो की तस्करी के दौरान प्रदेश भर में पकड़े जाने वाले तस्करों में अधिकतर तस्करों के तार बाड़मेर से जुड़े रहते है। एक खेत में 8 हजार पौधों की खेप मिलने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। इधर, पुलिस ने आरोपी दीपाराम पुत्र रघुनाथराम को न्यायालय में पेश कर रिमाण्ड पर लिया है। हालांकि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया है कि मैं बंधाणी हूं, डोडा-पोस्त व अफीम महंगा हो गया, इसलिए मैंने खेती कर दी।
तस्करी का नया तरीका
अफीम और डोडा पोस्त की तस्करी पर कड़ी निगरानी और धरपकड़ के डर व लंबी दूरी तक परिवहन में आने वाली मुश्किलों की चुनौती के चलते तस्करी में कमी आई, लेकिन धोरों के बीच अफीम की पूर्ति करने के लिए तस्करों ने नया तरीका अपना लिया। एक किसान ने अनार की खेती के साथ अफीम के पौधे लगाकर पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
राजस्व महकमा रहा अनजान
राजस्व महकमे की ओर से रबी की फसलों की गिरदावरी की जा रही है। राजस्व विभाग 1 से 28 फरवरी के बीच गिरदावरी पूरी होनी है। फसल बुवाई और खराबे के आकलन के लिए गिरदावरी की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। इसके अलावा कृषि विभाग के अधिकारी और वैज्ञानिक भी सिंचित क्षेत्रों का दौरा करते रहते है। लेकिन सभी विभाग अफीम के 8 हजार पौधों से अनभिज्ञ रहे।
तीन साल पहले पकड़ी थी खेती
सेड़वा थाना पुलिस ने फरवरी-2018 में कोलियाना गांव में कार्रवाई करते हुए अफीम की खेती का एक मामला पकड़ा था। हालांकि उस दौरान खेत में पुलिस ने 840 पौधे बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके बाद यह दूसरा प्रकरण सामने आया है।
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आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमाण्ड पर लिया है। पुलिस सख्ती से पूछताछ में जुटी है। अफीम की खेती करने का आइडिया कहां से आया? और कैसे खेती को अंजाम दिया।- मूलाराम चौधरी, थानाधिकारी, गुड़ामालानी
Published on:
22 Mar 2021 05:43 pm
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