यह है संभावनाएं
शिव क्षेत्र के लखा, मुंगेरिया की खद्दानों में निकलने वाले लाल ग्रेनाइट पत्थर व बेन्टोनाइट आधारित उद्योग विकसित हो सकते है। साथ क्षेत्र में कृषि आधारित प्रचुर मात्रा में होने वाले जीरा, इसबगोल, कपास इत्यादि आधारित खाद्य प्रस्संकरण इकाईयां विकसित होने की संभावनाएं जताई जा रही है। इससे यहां व्यवस्थित रूप से एग्रो बेस्ट इंडस्ट्री को विकसित किया सकता है।
खनिज संपदा के अपार भंडार
रीको के मुताबिक भूखंडों को लेकर खनिज उद्योग से जुड़े इंडस्ट्री लगाने की संभावना है। शिव क्षेत्र में कोयला, मुल्तानी मिट्टी, ग्रेनाइट ,बेंटोनाइट, पत्थर उद्योग को लेकर असीम संभावनाएं है।
इनको रहेगी विशेष छूट
रीको द्वारा भूखंड आवंटन आरक्षित दर में भूतपूर्व सैनिक सशस्त्र बल पैरामिलिट्री के मृतक सेवक के आश्रित बेंच मार्क निशक्तता व्यक्ति व एसी- एसटी उद्यमी महिला को छूट का प्रावधान है।
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यह इकाईयां लग सकेगी
- एग्रो फूड प्रोसेसिंग
- ग्रेनाइट से जुड़ी इकाईयां
- बेटोनाइट के छोटे उद्योग
- कोयले से जुड़ी इकाई
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- भूखण्ड नीलामी की प्रक्रिया शुरू
शिव क्षेत्र में एक शानदार औद्योगिक क्षेत्र को विकसित कर रहे है। यहां करीब 255 बीघा भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र के भूखण्डों की नीलामी प्रक्रिया शुरू की गई है। भूखण्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही अमानत राशि जमा कर रहे है। आमजन व व्यापारी वर्ग में उत्साह नजर आ रहा है। - लालाराम, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, रीको, बाड़मेर
- शिव क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए विभाग ने प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं उपखंड स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर क्षेत्र को विकसित करने के लिए चर्चा की है। वही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक पिछले तीन-चार दिनों से शिव क्षेत्र में व्यापारी वर्ग से संपर्क कर भूखंड आवंटित करवाने का प्रयास कर रहे हैं। - आर सी वैष्णव, क्षेत्रीय प्रबंधक, रीको कार्यालय बालोतरा