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टिड्डी दल ने मचाई तबाही, फसलों को नुकसान

- कई गांवों में पहुंचे टिड्डी दल, किसान चिंतित - फसलें व वनस्पति कर रहे चट

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टिड्डी दल ने मचाई तबाही, फसलों को नुकसान

टिड्डी दल ने मचाई तबाही, फसलों को नुकसान

समदड़ी (बाड़मेर). किसानों की मेहनत पर एक बार कहर बरपा है। इस बार टिड्डी दल आने से खड़ी फसलें चौपट हो रही है तो पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंच रहा है। सोमवार को

टिड्डी दल ने क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांवो में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। करीब आठ से दस किलोमीटर परिधि में फै ले टिड्डी दल के तारामीरा, अरण्डी, रायड़ा, जीरा आदि फ सलों को चट करने से किसानों के पसीने की गाढ़ी कमाई मिट्टी में मिल गई है। सोमवार सुबह 11 बजे बाद टिड्डी दल के यहां से उठाव होने के बाद प्रशासन, किसानों ने राहत की सांस तो ली है, लेकिन किसानों में भय अभी भी बरकरार है। पूरे जिले में फै ला टिड्डी दल वापस कब हमला कर दे, इसकी चिन्ता किसानों में घर कर गई है। रविवार शाम को आए इस टिड्डी दल ने रानीदेशीपुरा, भानावास, भलरों का बाड़ा, सुरपुरा सरहद तक करीब आठ किलोमीटर के दायरे में अपनी रात्रि पड़ाव डाला। दूसरा पड़ाव कूम्पावास क्षेत्र में रहा। दो दलों के इस रात्रि पड़ाव को लेकर किसानों में पूरी रात आंखों में निकाली।
सुबह किया छिड़काव- रविवार शाम को ही पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया। सुबह जल्दी पड़ाव स्थल पर दवाई छिड़काव करने की कार्य योजना तैयार की। कृषि विभाग की जोधपुर, पाली, बाड़मेर की टीम के साथ राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार सुबह रानीदेशीपुरा गांव पहुंचकर पेड़-पौधों व झाडिय़ों पर जमा टिड्डी दल पर टै्रक्टर व कृषि विभाग के वाहनों पर लगी मशाीनों से दवा का छिड़काव किया। तहसीलदार राकेश जैन ने स्वयं इसकी कमान सम्भाली। इस कार्य में किसानों ने भी सहयोग किया। बालोतरा से आई दमकल ने छिड़काव किया, लेकिन असंख्य मात्रा व लम्बे चौड़े भूभाग में टिड्डी जमा होने से इस पर पूर्ण रूप से नियंत्रण नहीं हो पाया। सुबह किसानों ने परिवार सदस्यों के साथ खेतों में धुआं करके, ढ़ोल नगाड़े, थाली, पीपे बजाकर व पटाखे छोड़कर खेतों में जमा टिड्डी को भगाने का प्रयास किया ।

एक दर्जन गांवो में नुकसान- रानीदेशीपुरा, भानावास, करमावास, संावरड़ा, भूति, कोटड़ी, लालाना, कूम्पावास, सिलोर, देवलियारी, बामसीन आदि गांवो में टिड्डी ने सबसे अधिक नुकसान जीरे की फ सल में किया है। भूति में तारामीरा की फ सल इस कदर चट कर दी कि पीछे सिर्फ डंठल बचे हैं। इसी प्रकार अरण्डी, रायड़ा, इसबगोल में भी नुकसान किया है। इससे किसान कंगाल होने के कगार पर है। पूर्व सरपंच बुदाराम चौधरी ने बताया कि रानीदेशीपुरा में सबसे अधिक नुकसान जीरा फ सल हो किया है। खेतसिंह कोटड़ी ने बताया कि टिड्डी दल ने अनेक खेतों में जीरा को चट कर दिया। कुन्दनसिंह भूति ने बताया कि उसके खेत में भूति सरहद में तारामीरा, रायड़ा को पूरी तरह से चट कर दिया इससे किसानों को लाखो को नुकसान हो गया है। निसं.

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