काश्तकारों ने बताया कि पाली जिले के प्रदूषित पानी की यहां हर साल लूनी नदी में आवक होती रही है। जब भी बरसात होती है तो बरसाती पानी के साथ प्रदूषित पानी छोड़ दिया जाता है। प्रदूषित पानी की आवक से नदी किनारे कृषि कुओं की जल संपदा खराब हो रही है। इसका कृषि क्षेत्र पर प्रभाव पड़ रहा है, जो किसानों के लिए किसी पीड़ा से कम नहीं है।