26 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

माता राणी भटियाणी मंदिर: नवनिर्माण से निखार

अच्छी खबर- मारवाड़ के बड़े आस्था स्थल का अब अलग नजर आ रहा है स्वरूप
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Moola Ram Choudhary

•

Updated: 3 Jan 2020, 2:41 PM IST

Mata Rani Bhatiyani Temple: Navnirman

Mata Rani Bhatiyani Temple: Navnirman

बालोतरा. मारवाड़ का प्रमुख लोकदेवता मंदिर माता राणी भटियाणी मंदिर परिसर अब अलग ही नजर आने लगा है। मंदिर परिसर में सुविधाओं के विस्तार पर यहां प्रतिवर्ष दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को अब कई सुविधाएं मिलेंगी।

जैसलमेर के पत्थर पर हुई नक्काशी से बना मंदिर और द्वार आकर्षक बना है तो मंदिर परिसर के सामने बनी धर्मशाला व अन्य सुविधाएं श्रद्धालुओं को सकून देगी। श्री माता राणी भटियाणी मंदिर संस्थान की आेर से इनका निर्माण किया जा रहा है। शुक्लपक्ष में मंदिर में मेला रहता है।

फेक्ट फाइल

3 बीघा परिसर में मंदिर

48 कक्ष बने हैं यात्री भवन में

250 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था

06 बड़े संघ हाल 800 श्रद्धालुओं के लिए

6 डोरमेटरी में 120 श्रद्धालुओं के लिए सुविधा

04 फैमिली कॉजेट

01 वातानकूलित भोजनशाला

सुरक्षा पर ध्यान

सुरक्षा व पर्यावरण के अनुकूल भवन- मंदिर व परिसर में सुरक्षा इंतजाम को लेकर टावर बनाया गया है। वर्तमान मे 150 सीसी टीवी कैमरे लगाए गए हंै और 350 सीसी टीवी कैमरे और लगेंगे। धर्मशाला के पूरे परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया गया है।

पौधे और हरियाली

विद्युत के लिए सौर ऊर्जा के सैट लगाए गए हैं। दूषित पानी के वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण व उपयोग के लिए एचटीपी प्लांट बनाया गया है। इसके पानी से परिसर में लगाए 10 हजार पौधों की सिंचाई की जाती है। 5 हजार और लगेंगे।

यह सुविधा भी

7 बीघा में पार्किंग बनाई गई है। बस, कार, मोटरसाइकिल के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है। एक समय में 800 से 900 वाहन खड़े रह सकते हैं।

श्रद्धालुओं पर केन्द्रित सुविधाएं

सुविधाएं श्रद्धालुओं पर केन्द्रित है। आस्था बढऩे के साथ बड़े-बड़े संघ आते हैं। लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं को दर्शन में सुविधा रहे और यहां रुकना चाहे तो उनको असुविधा न हो इसके लिए नव निर्माण किया गया है।

- रावल किशनसिंह राठौड़, अध्यक्ष श्री माता राणी भटियाणी मंदिर संस्थान