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नहीं छूट रहा माटी का मोह

बजंर भूमि पर तैयार किए दो हजार औषधीय पौधे
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बाड़मेर

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Dileep Kumar Dave

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Updated: 20 Feb 2021, 7:18 PM IST

नहीं छूट रहा माटी का मोह

नहीं छूट रहा माटी का मोह


समदड़ी बाड़मेर. मन में अगर ठान लिया तो उसे मंजिल भी नसीब होगी, मेहनत करने वालों की हमेशा जीत ही होगी । अपनी मेहनत के बलबूते पर करमावास निवासी नेमाराम चौधरी ने बंजर भूमि पर हजारों की संख्या में औषधीय पौधे लगा लोगों को कुछ एेसा ही नया सदेंश दे दिया । नेमाराम पिछले लबे समय से कर्नाटक प्रान्त के बैंगलूरू में व्यवसायरत है मगर माटी का मोह उन्हे बार बार यहां पर खींच लाता है ।

इसी मिट्टी से जुड़े रहने के लिए उन्होंने बंजर भूमि पर फ ार्म हाउस खड़ा कर दिया जिसमें लगातार सफ लता मिल रही है ।
बीस बीघा बंजर भूमि खरीदी- करमावास के बामसीन जाने वाले सडक़ किनारे बंजर भूमि ऐसी की उस पर फ सल की बुवाई असंभव भी।

उसी बजंर भूमि में से बीस बीघा जमीन खरीदकर चारों तरफ दीवार खड़ी कर दी । इस भूमि पर दो साल पूर्व लाल चन्दन के पांच सौ, अमरूद के पांच सौ, चीकू के साढ़े तीन सौ, इजराइल खजूर के डेढ़ सौ के अलावा नीबू, आम, अंजीर, लाल मेंहदी, थाइएपल बेर के पौधे लगाए ।

बीच में बड़ा जलकुण्ड तैयार कर उस पर सौर ऊर्जा का प्लान्ट लगा दिया इससे पौधो को बून्द बून्द सिंचाई दी जा रही है ।
22 सौ पौधे लहलहा रहे है -यह फ ार्म हाउस औषधीय पौधों से लहलहा रहा है । वर्तमान में यहां पर करीब दो हजार से भी अधिक पौधे तैयार हो चुके हं । लाल चन्द के पौधे की बुवाई क्षेत्र में प्रथम बार हुई है । जो काफ ी बड़े हो चुके है ।