बाड़मेर के बांदरा में बनेगा मिनी फूड पार्क, सरकार करेगी 10 करोड़ खर्च

- कृषि मण्डी समिति करेगी पार्क को विकसित, जमीन आवंटन के लिए समिति सचिव ने कलक्टर को लिखा पत्र, बांदरा ग्राम पंचायत में डेढ सौ बीघा जमीन पर विकसित होगा पार्क

By: भवानी सिंह

Published: 24 Feb 2021, 08:12 PM IST

बाड़मेर.
किसानों को अब कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) करके सीधे निर्यात करने का मौका भी मिलेगा। बाड़मेर जिले के बांदरा गांव में करीब डेढ सौ बीघा जमीन पर सरकार मिनी फूड पार्क विकसित करेगी। जहां किसान व व्यापारी वर्ग प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर कृषि उत्पाद का सीधा निर्यात कर सकेंगे।


निकटवर्ती बांदरा ग्राम पंचायत में जोधपुर सड़क मार्ग पर जिप्सम हॉल्ट से महज चार किमी दूर स्थित डेढ सौ बीघा जमीन पर कृषि उपज मण्डी की ओर से एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर योजना के तहत मिनी फूड पार्क विकसित करेगी। पार्क में जीरा, अनार व इसबगोल की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होगी। सरकार पार्क पर करीब 10 करोड़ रुपए खर्च करेगी। प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने पर बाड़मेर के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही फसल को औने-पौने दामों में नहीं बेचनी पड़ेगी।


बाड़मेर में 14 अरब जीरे की पैदावर
बाड़मेर जिले में जीरा, अनार व ईसबगोल की पैदावर पिछले सालों से लगातार बढ़ रही है। यहां जीरे की सवा लाख मिट्रिक टन, ईसबगोल एक लाख मिट्रिक टन व अनार 80 हजार मिट्रिक टन में पैदावर हो रही है। बाड़मेर में प्रतिसाल 14 अरब की पैदावर हो रही है।


एक्सपोर्ट की संभावना बढ़ेगी
बाड़मेर में प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने के बाद एक्सपोर्ट की संभावना बढ़ जाएगी। वर्तमान में किसान जीरा गुजरात के ऊंजा ले जाकर बेच रहे है, यहां प्रोसेसिंग यूनिट लगने पर किसानों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही एक्सपोर्ट होने की स्थिति में राज्य सरकार के आय भी बढ़ जाएगी।


5 करोड़ तक का मिलेगा अनुदान
पार्क में यूनिट लगाने के लिए सरकार की ओर से किसान या किसानों के समूह को प्लांट की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकत्तम एक करोड़ रुपए तक का अनुदान भी मिलेगा। बान्द्रा में विकसित होने वाले पार्क में तीन तरह की प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होगी। यहां सरकार 5 करोड़ रुपए का अनुदान देगी।


- जमीन आवंटन के लिए लिखा है,
बाड़मेर जिले के बांदरा ग्राम पंचायत में केन्द्र सरकार की योजना के तहत मिनी फूड पार्क विकसित होगा। जिसमें जीरा, ईसबगोल व अनार की प्रोसेसिंग यूनिट लगेगी। पार्क के लिए डेढ सौ बीघा जमीन की जरुरत है। जमीन आवंटन के लिए कलक्टर को पत्र लिखा है। - सुरेशकुमार मंगल, सचिव, कृषि उपज मण्डी समिति, बाड़मेर

भवानी सिंह Reporting
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