क्षेत्र के पांचरला गांव में एक मां धधकती आग से अपनी बच्ची को बचा लाई। सोमवार सुबह मगू अपनी 2 साल की
सेड़वा।क्षेत्र के पांचरला गांव में एक मां धधकती आग से अपनी बच्ची को बचा लाई। सोमवार सुबह मगू अपनी 2 साल की बच्ची सफू को घर में सोते छोड़ पास ही स्थित एक खेत में मजदूरी के लिए चली गई। थोड़ी ही देर बाद ढाणी में बने झोंपे से लपटें उठती देख वह चिल्लाते हुए झोंपे की ओर दौड़ पड़ी। मगू ने जान की परवाह किए बिना दरवाजा खोल झोंपे के अंदर गई और रो रही बच्ची को बाहर ले आई। इस दौरान दोनों मां-बेटी झुलस गई।
उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फागलिया लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। मगू के दो बच्चे और एक ही बच्ची है। आग की घटना के दौरान मुखिया परताराम मजदूरी के लिए डीसा गया हुआ था। ढाणी में एक ही झोंपा था, घर का सारा सामान भी उसी में था। आग से सब कुछ जलकर राख हो गया। फागलिया सरपंच फतेहअली ने बताया कि स्टेट बीपीएल परिवार अब आसमान तले आ गया है।
आग से 3 झोंपे व दो मवेशी जले
उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटड़ा के राजस्व गांव राणेजी की बस्ती में सोमवार दोपहर एक ढाणी में आग लगने से घरेलू सामान सहित 2 मवेशी जिंदा जल गए। जानकारी के अनुसार सागरसिंह पुत्र लालसिंह की ढाणी में आग लग गई। आस-पास के लोगों ने लपटें देख उस पर काबू पाने के प्रयास किए। इस दौरान ढाणी में बने 3 झोंपे जलकर राख हो गए। उनमें रख घरेलू सामान, नकदी तथा आभूषण भी राख हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि एक झोंपे के पास बंधी दो बकरियां भी जिंदा जल गई। ग्रामीणों ने पुलिस व तहसीलदार को इसकी सूचना दी। निसं.