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मॉडल से नहीं मोह, महात्मागांधी स्कू लों पर सरकार मेहरबान

- स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कू ल में कक्षाकक्ष तैयार पर नहीं संचालित हो रही कक्षाएं

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मॉडल से नहीं मोह, महात्मागांधी स्कू लों पर सरकार मेहरबान

मॉडल से नहीं मोह, महात्मागांधी स्कू लों पर सरकार मेहरबान

दिलीप दवे बाड़मेर. एक तरफ जहां मॉडल स्कू लों में करोड़ों रुपए के प्री प्राइमरी भवन तैयार है लेकिन वहां सरकार ने कक्षाएं शुरू करने की इजाजत नहीं दी है तो दूसरी ओर महात्मागांधी स्कू लों में बिना संसाधन के ही प्री प्राइमरी कक्षाओं के संचालन शुरू हो रहा है।

ऐसे में सवाल यह है कि क्या सरकार को मॉडल स्कू लों में अंग्रेजी को बढ़ावा देने का मोह नहीं है और सिर्फ महात्मागांधी स्कू लों में ही अंग्रेजी मीडियम को बढ़ावा दिया जा रहा है।राज्य सरकार ने हाल ही में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर संचालित महात्मागांधी अंग्रेजी मीडियम स्कू लों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं को संचालित करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद प्रदेश के जिला मुख्यालय के 33 महात्मा गाँधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं का संचालन होगा। यहां छठीं से दसवीं तक की कक्षाएं संचालित हो रही है। अब एलकेजी, यूकेजी व नर्सरी कक्षा शुरू हो रही है।

दूसरी ओर प्रदेश के 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में पूर्व प्राथमिक व प्राथमिक कक्षाओं के लिए करोड़ों रुपए के भवन बनकर तैयार है लेकिन प्रवेश को लेकर गाइडलाइन का इंतजार है।

हर मॉडल स्कू ल में एक करोड़ का भवन- गौरतलब है कि प्रदेश में 134 स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कू ल संचालित हो रहे हैं। प्रत्येक मॉडल स्कूल में लगभग एक करोड़ पांच लाख से अधिक की लागत से प्री प्राइमरी व प्राइमरी स्तर के लिए भवन बन कर तैयार है। ऐसे में प्रदेश में 150 करोड़ रुपए की लागत से भवन बने हुए हैं। इनमें से अधिकांश भवन विद्यालय प्रबंधन को हैंड ओवर भी हो चुके हैं।

इधर, हिंदी माध्यम के विद्यालयों पर ताले- खास बात यह है कि महात्मागांधी इंग्लिश मीडियम स्कू लों को संचालित करने के लिए हिंदी माध्यम के स्कू ल बंद किए जा रहे हैं।

वहीं, दूसरी ओर मॉडल स्कू ल नए स्तर पर शुरू किए गए जिसके भवन का निर्माण भी किया गया है जबकि महात्मागांधी स्कू लों में पुराने विद्यालयों में ही कक्षाएं संचालित हो रही है। प्रदेश के 33 जिला मुख्यालय पर संचालित इन स्कूलों में बिना किसी भवन या संसाधन के ही प्री प्राइमरी में प्रवेश के आदेश जारी हुए हैं तो साथ ही भवन की आवश्यकता के लिए प्रस्ताव मांगें हैं।

हिंदी माध्यम में नहीं अंग्रेजी के व्याख्याता- प्रदेश के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में स्टाफिंग पैटर्न के चलते अंग्रेजी के व्याख्याताओं के पद ही स्वीकृत नहीं है। करीब सात हजार विद्यालयों में यह स्थिति है। वहींं, महात्मागांधी स्कू लों में हिंदी माध्यम के विद्यालय से शिक्षक लगाने के आदेश हैं।

प्रवेश प्रक्रिया शुरू- महात्मागांधी स्कू लों में प्री प्राइमरी को लेकर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। आवेदन लिए जा रहे हैं।- जेतमालसिंह राठौड़, एडीईओ माध्यमिक मुख्यालय बाड़मेर

अगले सत्र से आरम्भ- प्री प्राइमरी व प्राइमरी कक्षाओं के संचालन को लेकर हॉस्टल बनाए जा चुके हैं। अगले सत्र से कक्षाएं प्रारम्भ हो जाएगी। - जयप्रकाश व्यास, सहायक जिला परियोजना समन्वयक समग्र शिक्षा बाड़मेर१

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