भारत में आजादी के आदेश, पाकिस्तान नहीं जो रहा किशोर को?

सीमावर्ती कुम्हारों का टिब्बा(सज्जन का पार) के गेमराराम के भारत लौटने की मांग पुरजोर पकडऩे लगी है तो एक मामला पाकिस्तान के एक किशोर का भी है। पाकिस्तान के अमरकोट क्षेत्र का किशोर 2019 में तारबंदी पार कर आया था, जुलाई 2020 में किशोर न्याय बोर्ड आजाद करने के आदेश कर चुका है लेकिन पाकिस्तानी होने के कारण उसको अभी भी किशोर संप्रेषण गृह में ही रखा गया है।

By: Ratan Singh Dave

Published: 26 Feb 2021, 08:52 AM IST

पाकिस्तानी किशोर की आजादी के आदेश को भारत-पाक सहमति का इंतजार
- पाकिस्तानी किशोर है बाड़मेर के संप्रेषण गृह में
- जुलाई माह में पूरी हो चुकी है सजा
- किशोर न्याय बोर्ड, बाड़मेर दे चुका रिहाई के आदेश
फोटो समेत
रतन दवे
बाड़मेर पत्रिका.
सीमावर्ती कुम्हारों का टिब्बा(सज्जन का पार) के गेमराराम के भारत लौटने की मांग पुरजोर पकडऩे लगी है तो एक मामला पाकिस्तान के एक किशोर का भी है। पाकिस्तान के अमरकोट क्षेत्र का किशोर 2019 में तारबंदी पार कर आया था, जुलाई 2020 में किशोर न्याय बोर्ड आजाद करने के आदेश कर चुका है लेकिन पाकिस्तानी होने के कारण उसको अभी भी किशोर संप्रेषण गृह में ही रखा गया है। वतन वापसी तभी होगी जब भारत-पाक दोनों सरकार इसकी सुपर्दगी के लिए सहमत होगी।
27 सितंबर 2019 को मुनाबाव- गडरारोड़ के पास से तारबंदी लांघकर एक किशोर भारत में आ गया। यहां आने के बाद इससे सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ कर न्यायालय में पेश कर दिया और इसको किशोर संपे्रषण गृह में सौंप दिया गया। 2 जुलाई 2020 को इसको उदेश या भत्र्सना देकर आजाद करने के आदेश किए गए लेकिन इस किशोर की कागजी कार्यवाही पूरी नहीं होने से अब तक यह यहीं पर है।
पाकिस्तान में इंतजार
किशोर कोळी जाति का है और 16 साल की उम्र में आ गया। पाकिस्तान के गुलामनवी खिपरो सांगड़ के इस किशोर के भारत आने के बाद पाकिस्तान को जानकारी दी गई थी। परिजन भी किशोर के लौटने का पाकिस्तान में इंतजार कर रहे है।
उच्च स्तर का मामला
किशोन न्याय बोर्ड की ओर से आदेश होने के बाद यह भारत सरकार के गृह एवं विदेश मंत्रालय तक पहुंच गया है। जहां से पाकिस्तान उच्चायोग के भारतीय कार्यालय को दिया गया है, जहां से पाकिस्तान की ओर से जवाब आएगा। भारत पाक दोनों ओर से इसके पाकिस्तान जाने की सहमति के बाद किशोर को पाकिस्तान को सुपुर्द किया जाएगा।
सी डब्ल्यूसी के संरक्षण में
किशोर की रिहाई के आदेश तो हुए है लेकिन यह पाकिस्तानी है और यहां इसका कोई संरक्षक नहीं है। इसलिए इसको सीडब्ल्यसी के संरक्षण में रखा हुआ है।- अश्विन शर्मा, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई बाड़मेर
यह है गेमराराम का मामला
बाड़मेर के कुम्हारों का टिब्बा(सज्जन का पार) का गेमराराम नवंबर में बदहवासी में तारबंदी लांघकर पाकिस्तान चला गया। पत्रिका ने 77 दिन बाद इसका खुलासा किया,इसके बाद बीएसएफ ने स्वीकारोक्ति की। गेमराराम को पाकिस्तान की सिंध पुलिस को सुपुर्द किया गया, वहां से उसको न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। गेमराराम की वतन वापसी को लेकर भारत और पाकिस्तान में प्रयास किए गए है। पूर्व सांसद मानवेन्द्रसिंह ने पैरवी करते हुए पाकिस्तान दूतावास तक कागजात पहुंचाएं व पैरवी की। केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने पाकिस्तान में भारत के उच्चायोग को गेमराराम की रिहाई का लिखा है। अभी गेमराराम के लौटने का इंतजार है।

Ratan Singh Dave
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