
Organized Sanskrit janpadsammelan Exhibition was center of attraction
बाड़मेर. संस्कृत को व्यवहार की भाषा बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को इसे राष्ट्रीय कर्तव्य के साथ आत्माभिवृद्धि करने वाली भाषा के रूप में अंगीकार करना होगा। संस्कार भारती बाड़मेर विभाग की ओर से रविवार को टाउन हॉल में जनपद संस्कृत सम्मेलन के मुख्य वक्ता हुलासचंद्र ने कहा कि वर्तमान में संस्कृत बोलने वालों की संख्या में गुणात्मक संख्या बढ़ रही है। सम्मेलन संयोजक अशोक कुमार दवे ने कहा कि संस्कृति को जोडऩे के लिए संस्कृत सर्व श्रेष्ठ भाषा है। इस मौके पर जितेन्द्रसिंह ने काव्य गीत, लक्ष्मणदान व खूमाराम ने वैद्य रोगी सम्भाषण व दूरवाणी सम्भाषण प्रस्तुत किए। आदर्श विद्या मंदिर की बालिकाओं ने गीत की प्रस्तुति दी। संगीता दल ने भवतु भारतम़ गीत प्रस्तुत किया।
- प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी, वस्तु प्रदर्शनी व पुस्तक प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही। विभाग संयोजक ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलक्टर शिव प्रसाद एम नकाते, अतिरिक्त जिला कलक्टर ओपी विश्रोई, विशिष्ठ अतिथि डॉ अरूणा, विक्रमसिंह तारातरा, संघ संचालक पुखराज गुप्ता थे।
इस मौके पर प्रोजेक्टर पर संस्कृत का वैभव चित्रण प्रस्तुत किया। इस मौके पर संस्कृत भारती जोधपुर के प्रांत मंत्री डॉ. तगसिंह राजपुरोहित, सह प्रांतमंत्री लीलाधर शर्मा, भुवनेश व्यास, श्रवण विश्रोई, मानाराम सहित कई लोग मौजूद रहे। संचालन पाबूराम विश्रोई ने किया।सम्मेलन संयोजक अशोक कुमार दवे ने कहा कि संस्कृति को जोडऩे के लिए संस्कृत सर्व श्रेष्ठ भाषा है। इस मौके पर जितेन्द्रसिंह ने काव्य गीत, लक्ष्मणदान व खूमाराम ने वैद्य रोगी सम्भाषण व दूरवाणी सम्भाषण प्रस्तुत किए। आदर्श विद्या मंदिर की बालिकाओं ने गीत की प्रस्तुति दी। संगीता दल ने भवतु भारतम़ गीत प्रस्तुत किया।संस्कार भारती बाड़मेर विभाग की ओर से रविवार को टाउन हॉल में जनपद संस्कृत सम्मेलन के मुख्य वक्ता हुलासचंद्र ने कहा कि वर्तमान में संस्कृत बोलने वालों की संख्या में गुणात्मक संख्या बढ़ रही है। सम्मेलन संयोजक अशोक कुमार दवे ने कहा कि संस्कृति को जोडऩे के लिए संस्कृत सर्व श्रेष्ठ भाषा है।
Published on:
01 Jan 2018 12:25 pm

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