
बाड़मेर. जिले में ब्लैक फंगस के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह में पांच केस मिल चुके हैं। इनमें से चार मामले प्राइवेट इएनटी अस्पताल और एक जिला अस्पताल में जांच में ब्लैक फंगस का मामला निकला। सभी को उपचार के लिए जोधपुर रैफर किया गया। इनमें से दो का ऑपेरशन हो चुका है। सभी कोविड पॉजिटिव होने के बाद रिकवर हो चुके और मधुमेह के रोगी है।
कोविड से रिकवर होने के बाद सभी पांच मामलों में नाक से काला पदार्थ बहने की शिकायत होने पर चिकित्सक को दिखाया गया था। इनमें से एक मरीज ने जिला अस्पताल में जांच करवाई। जहां से उसे जोधपुर रैफर कर दिया गया।
निजी में अब तक चार मिल चुके केस
बाड़मेर में चार केस निजी इएनटी अस्पताल में सामने आए हैं। इएनटी विशेषज्ञ डॉ. किशन कुमावत ने बताया कि उनके पास चार मामले अब तक आ चुके हैं। ये मामले अर्ली स्टेज के थे। उनकी एंडोस्कोपी जांच के बाद म्यूकर माइकोसिस केस कन्फर्म होने पर इलाज के लिए जोधपुर रैफर कर दिया गया। मरीजों के मामले में नाक, चेहरे और आंख के पास दर्द और सूजन की शिकायत थी। मरीजों का सुगर लेवल काफी अधिक था। इस बीमारी का प्रारंभ में पता चल जाए तो उपचार हो जाता है। लेकिन यह काफी लम्बी चलता है। जल्दी पता नहीं चले और चिकित्सक को दिखाने में लापरवाही बरतने पर यह जानलेवा बन सकती है।
ऐसे होता है ब्लैक फंगस का अटैक
ब्लैक फंगस का अटैक साइनस से होता है। साइनेस की बोन को ब्रेक करते हुए आंखों तक पहुंच जाता है। समय पर उपचार नहीं होता है तो यह दिमाग तक पहुंच सकता है और यह जानलेवा साबित हो सकता है। ब्लैक फंगस के किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुंरत नेत्र रोग व इएनटी विशेषज्ञ को दिखाएं।
Updated on:
22 May 2021 01:51 pm
Published on:
22 May 2021 01:50 pm
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