8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बारह साल कागजों में रही योजना, अब बजट दिया फिर भी नहीं बने आदर्श गांव!

- प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) के तहत होना है विकास, बाड़मेर जिले में सर्वाधिक 95 गांवों का चयन, 74 का हुआ है अनुमोदन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

bhawani singh

•

Updated: 30 Oct 2021, 8:41 PM IST

barmer news

barmer news

बाड़मेर.
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना लागू होने के बारह साल बीतने के बावजूद भी गांवों में बजट के अभाव में महज दिखावा बनकर रह गई है। सीमावर्ती बाड़मेर जिले में योजना लागू होने के आठ साल बाद प्रोजेक्ट के तहत गांवों का चयन किया गया। योजना के तहत अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुए है। ऐसे में अनुसूचित जाति बाहुल्य के गांवों की तस्वीर बदल नहीं पाई है।
वर्ष- 2009 में योजना लागू होने के बाद बाड़मेर में वर्ष- 2018 में सार्वजनिक निर्माण विभाग के माध्यम से पीएमएजीवाई योजना के तहत बाड़मेर जिले के 95 गांवों का चयन किया गया। उसके बाद ग्राम व जिला स्तर की समिति से 74 गांवों का अनुमोदन हुआ। योजना के तहत विभाग ने 36 गांव विकास योजना (वीडीपी) तैयार कर सरकार को भेजी। राज्य सरकार ने सात माह पूर्व बाड़मेर जिले के लिए 7 करोड़ 20 लाख रुपए का बजट जारी किया, लेकिन अब तक महज 15 चयनित ग्राम पंचायतों के खातों में बजट पहुंचा है। ऐसी स्थिति में गांवों का विकास अधरझूल है। चयनित प्रत्येक गांव को विकास के लिए 20 लाख रुपए तक बजट प्रस्तावित है।
ग्राम पंचायत नहीं दिखा रही रुचि
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत केन्द्र सरकार 40 फीसदी बजट देने का प्रावधान है। अन्य 60 फीसदी बजट ग्राम पंचायत वहन करती है। ऐसे में योजना को गति नहीं मिल रही है। साथ ही मिली जानकारी में सामने आया है कि ग्राम पंचायतें रुचि नहीं दिखा रही है।
क्या है पीएमएजीवाई
केन्द्र सरकार की ओर से प्रायोजित प्रायोगिक योजना प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना (पीएमएजीवाई) 50 प्रतिशत से अघिक अनूसूचित जाति आबादी वाले अनुसूचित जाति बाहुल्य गांवों के विकास के लिए योजना चलाई जा रही है।
---
इस तरह के होने कार्य
- पेयजल व स्वच्छता अवसंरचनात्क विकास
- ठोस तथा द्रव्य अवशिष्ट पदार्थ निपटान सुविधाओं की स्थापना
- स्कूलों और आंगनबाडिय़ों में शौचालयों का निर्माण
- आंगनबाड़ी का निर्माण, सड़कों का निर्माण
- सोलर लाइट और स्ट्रीट लाइट लगाना
---
योजना का उद्देश्य
- ऐसा आदर्श गांव जहां गरीबी खत्म हो
- सार्वभौमिक प्रौढ़ सारक्षता और स्कूल में 100 बच्चों के नाम
- आवास, पेयजल, 100 प्रतिशत प्रसव अस्पताल में
- बच्चों का पूर्ण टीकाकरण, पक्की सड़क
- जन्म और मृत्यु का 100 प्रतिशत पंजीकरण
- बाल विवाह, बालश्रम पर रोक
---
फैक्ट फाईल
चयनित ग्राम पंचायत - 95
जिला स्तरीय समिति से अनुमोदन - 74
प्रोजेक्ट तैयार ग्राम पंचायत - 36
बकाया अनुमोदन - 21
---
- बजट की स्वीकृति मिली है,
पीएमएजीवाई योजना के तहत सरकार ने बजट जारी किया है। अब तक 15 ग्राम पंचायतों के प्रोजेक्ट की स्वीकृति मिली है। जिन्हें बजट भी जारी कर दिया है। प्राथमिकता से कार्य हो रहे है। - मोहनदान रतनु, सीईओ, जिला परिषद, बाड़मेर