19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुणवत्ता गोल, कार्य में पोलम-पोल

शहर की सीवरेज परियोजना अधरझूल में, नगर परिषद व आरयूडीआईपी के बीच तालमेल का अभाव

2 min read
Google source verification
Barmer

Barmer

सीवरेज के नाम पर शहर में अब तक करोड़ों रुपए मिट्टी में मिला दिए गए हैं। पिछले छह वर्ष में 17 करोड़ फूंक दिए, लेकिन नतीजा जीरो है। बार-बार की खुदाई ने शहर का हुलिया बिगाड़ दिया।


आरयूआईडीपी व नगरपरिषद् में तालमेल नहीं होने से पता भी नहीं चल रहा कि कौन सड़क बना रहा है और कौन तोड़ रहा है? कार्य की गुणवत्ता भी गोल है। अधिकांश जगह मिट्टी में घटिया पाइप दबा दिए गए हैं।


विडम्बना देखिए कि सीवरेज परियोजना के लिए शहर में तीन जोन स्थापित किए गए हैं, लेकिन अभी तक एक जोन का कार्य भी पूरा नहीं हुआ।


सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार


शहर से आठ किमी दूर स्थित कुड़ला गांव में एक वर्ष पूर्व आठ करोड़ रुपए का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार किया गया। इसके लिए कुड़ला से शहर के विवेकानंद सर्किल तक 8 किमी की सीवर लाइन भी बिछा दी गई है, लेकिन प्लांट शुरू करना भी अधरझूल में है।


फैक्ट फाइल
- 2009 में पहला सर्वे, लागत 80 करोड़ अनुमानित
- शहर में सीवर लाइन के लिए बनाए 3 जोन
- 2012 में एक जोन के लिए मिली 19 करोड़
की स्वीकृति
- सीवर लाइन पर 17.50 करोड़ खर्च
- दो जोन में सीवरेज का अता-पता भी नहीं


शहर में इस तरह बनाए जोन
जोन - 1 : 32.18 किमी सीवर लाइन- 9 हजार कनेक्शन
जोन - 2 : 32 किमी सीवर लाइन - 5 हजार कनेक्शन
जोन - 3 : 46.44 किमी सीवर लाइन - 7 हजार कनेक्शन

पब्लिक व्यू
- मुश्किल से बनी, उन्हें भी तोड़ दिया
शहर में लम्बे इंतजार के बाद नई सड़कें बनी, लेकिन सीवरेज लाइन के चलते इन्हें तोड़ दिया। अब ये कब बनेगी। कौन जिम्मेदार होगा, पता ही नहीं।
- सुनिल दवे


- तालमेल का अभाव
सीवरेज योजना की कोई प्लानिंग नहीं है। गुणवत्ता को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
- पंकज शर्मा


-धंस रही सड़कें, सता रहा खतरा
सीवरेज परियोजना ने शहर को नरक बनाकर रख दिया है, सड़कें धंस रही है, चार साल से कनेक्शन शुरू नहीं हो पाए है। अब क्या होगा। यहां पर कोई सुनने वाला नहीं है।
- चुन्नीलाल खत्री

- बिना प्लानिंग का कार्य
सीवरेज योजना ने शहर को कबाड़ खाना बना दिया है, विभाग के पास कार्य को लेकर कोई प्लानिंग नहीं है। जिसके चलते यह सीवरेज लाइन अधरझूल है। कोई सुनने वाला नहीं है। -मदन चण्डक, नेता प्रतिपक्ष
- कई पत्र लिखे, सुधार के प्रयास जारी
सीवरेज परियोजना में जो लापरवाही हुई है, इसे लेकर मुख्यमंत्री व जिला कलक्टर को कई पत्र भेज कर अवगत करवा दिया है। आरयूडीआईपी को पांबद कर रखा है। नई सड़कें तोड़ी जा रही है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

- लूणकरण बोथरा, सभापति, नगर परिषद

इनका कहना है
सीवरेज कनेक्शन जोडऩे का काम नगर परिषद कर रही है, जिसमें आरयूडीआईपी ने जगह-जगह शिविर भी लगाए थे, अब जल्द ही कनेक्शन शुरू किए जाएंगे।
बंशीधर पुरोहित, अधिशाषी अभियंता, रूडिप