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जरा बचकर रहिए, कोविड से ज्यादा घातक है रेबीज

-देश में पिछले पांच सालों में कोरोना से ज्यादा मौतें रेबीज से हुई-पालतू कुत्तों से रेबीज के बढ़ते मामले चिंताजनक-बच्चों पर ज्यादा हमले करते हैं कुत्ते- रेबीज-डे विशेष...
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जरा बचकर रहिए, कोविड से ज्यादा घातक है रेबीज

जरा बचकर रहिए, कोविड से ज्यादा घातक है रेबीज

बाड़मेर. रेबीज (हाइड्रोफोबिया) एक घातक बीमारी है, जंगली और पालतू जानवर के काटने से रेबीज हो सकता है। कुत्ते के काटने से रेबीज के सबसे अधिक मामले सामने अते हैं। हर साल हजारों लोग इसके शिकार हो जाते हैं। किसी जानवर के काटने पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाकर बचाव किया जा सकता है। ऐसे में कुत्ते सहित किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श करते हुए एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। जिससे रेबीज से बचाव हो सके।
कोरोना तो घातक है, लेकिन रेबीज जानलेवा साबित होती है। पिछले पांच सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो भारत में प्रतिवर्ष इससे 20 हजार से अधिक लोग मारे जाते हैं। रेबीज होने पर यह जानलेवा साबित होती है। कुत्ता, पालतू पशु या जंगली जानवर के काटने के तुरंत बाद एंटी रेबीज वैक्सीन की इसका बचाव है। चिकित्सकों की सलाह है कि ऐसा होने पर 24 से 72 घंटे में एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
मानसिक संतुलन नहीं रहता है
पालूत कुत्ता, बंदर और किसी पालतू पशु आदि के काटने से लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है। इससे रेबीज बीमारी होने का खतरा बन जाता है। रेबीज रोगी के मानसिक संतुलन को बिगाड़ देती है। व्यक्ति के दिमाग पर संतुलन पर नहीं रहता है। वह हमेशा अशांत रहने लगता है। रेबीज रोगी सबसे अधिक पानी से डरता है। दिमाग के साथ-साथ गले को भी चपेट में ले लेता है। रोगी पानी पीने मात्र की भी सोचता है तो उसके कंठ में जकडऩ महसूस होती है। रोगी के मुंह से लार निकलती है।
थीम: रेबीज दिवस 2021
साल 2021 की विश्व रेबीज दिवस के की थीम 'रेबीज: तथ्य, डर नहींÓ रखी गई है। रेबीज को लेकर आम लोगों को यह थीम डर को खत्म करने और उन्हें तथ्यों के साथ सशक्त बनाने पर आधारित है। यह थीम रेबीज के बारे में तथ्यों को साझा करने के साथ बीमारी के बारे में डर को फैलाने से रोकने का संदेश देती है।
डॉग बाइट के मामले बच्चों में ज्यादा
चिकित्सकों के अनुसार बच्चों में डॉग बाइट के मामले अधिक आते हैं। कुत्ते बड़े लोगों के मुकाबले बच्चों पर जल्दी हमला करते हैं। इसलिए छोटे बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों को पालतू जानवरों से दूर ही रखना चाहिए। इनके काटने से रेबीज होने की आशंका रहती है। स्ट्रीट डॉग से तो बचा जा सकता है, लेकिन पालतू भी काट लेते है। इसलिए घरों में रखे जाने पालतू पशु कुत्ता, गाय, भैंस आदि के अचानक काट लेने पर तुरंत चिकित्सक से उपचार करवाना चाहिए।
तत्काल करवाए उपचार
रेबीज खतरनाक बीमारी है। डॉग बाइट या अन्य जंगली जानवर व पालतू पशु के काटने पर तुरंत एंटी रेबीज वैक्सीन लगानी चाहिए। जिससे रेबीज होने का खतरा खत्म हो जाए। काटने की जगह को पानी से धोना चाहिए, उस पर पट्टी नहीं बांधे ओर जल्दी से चिकित्सक के पास पहुंचकर उपचार करवाएं।
डॉ. थानसिंह, राजकीय जिला अस्पताल बाड़मेर