
vasundhara raje
राजस्थान के बाड़मेर जिले में पंचायत राज चुनाव से पहले ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों के पुनर्गठन को लेकर मंगलवार को कांग्रेस ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से महावीर पार्क में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया, जिसमें पुनर्गठन में अनियमितताओं और मनमानी का आरोप लगाया गया।
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता रैली के रूप में जिला कलक्ट्रेट पहुंचे और वहां सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला कलक्ट्रेट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा। कांग्रेसियों और पुलिस के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि नगर निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं में पुनर्गठन के तहत गलत सीमांकन किया गया है, जिससे आमजन को परेशान होना पड़ रहा है। चेतावनी दी गई कि अगर सरकार ने समय रहते सुधार नहीं किया तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।
पूर्व सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने वसुंधरा राजे के राज को याद करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वही करती थी, जो मैं कहता था। बीच में पार्टी छोड़कर चला गया था, वजह क्या रही… यह बताऊंगा नहीं। उन्होंने कहा कि अगर आप देश को साथ लेकर नहीं चलोगे तो रसिया के 8 टुकड़े हो गए थे।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष गफूर अहमद ने कहा कि पुनर्गठन मनमाने तरीके से किया गया है, जिससे पुराने गांवों की उपेक्षा हुई है। पूर्व जिलाध्यक्ष फतेहखां ने आरोप लगाया कि पुनर्गठन में विधायक रविंद्र सिंह और पूर्व विधायक अमीनखां के गांव को मूल पंचायत समिति से हटाकर रामसर में जोड़ दिया गया है। हरसाणी क्षेत्र के 12 गांवों को चार अलग-अलग पंचायत समितियों में डाल दिया गया है, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
Updated on:
16 Apr 2025 12:00 pm
Published on:
16 Apr 2025 10:01 am
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