बाड़मेर. प्रधानाचार्य पदोन्नति में अनुपात परिवर्तन के विरोध में रविवार को राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद शाखा बाड़मेर ने गुड़ामालानी विधायक हेमाराम चौधरी को ज्ञापन देकर अनुपात परिवर्तन रोकने की गुहार की। जिलाध्यक्ष खेराजराम गोदारा के निर्देशन पर जिला महामंत्री हेमाराम मंसुरिया ने ज्ञापन सौंप कर बताया कि शिक्षा विभागीय प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति वर्तमान में व्याख्याता (स्कूली शिक्षा ) एवं प्रधानाध्यापक मा.वि. पदों से 67: 33 के अनुपात से होती है जिसे बदलकर 80: 20 करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह अनुपात परिवर्तन किए जाने से प्रधानाधापक से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति के अवसर न्यून हो जाएंगे तथा यह प्रधानाध्यापक सेवा हितों पर कुठाराघात है,जिसका राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद पुरजोर विरोध करती है। प्रधानाध्यापक पद एल 14 का है जबकि व्याख्याता एल 12 का पद है इसलिए प्रधानाध्यापक भर्ती 2018 में अधिकांश चयनित व्याख्याता पद छोड़ कर आए हैं। समाधान रूप में सरकार यदि प्रधानाध्यापक समकक्ष वाइस प्रिंसिपल पद सृजन कर व्याख्याता पद से पदोननति दे तो इससे व्याख्याताओं के लिए पदोन्नति अवसर अधिक सृजित होंगे। सरकार पर अनावश्यक वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा प्रभावी रुप से शैक्षिक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकेगा। प्रदेश संयुक्त मंत्री कमलकिशोर कुमावत, प्रधानाध्यापक पवन बेनीवाल, भंवरलाल प्रजापत, सतपालसिंह, प्रतापाराम, नरपतराम, रतन धनदेे, मगराज गोदारा उपस्थित रहे।बाड़मेर. गुड़ामालानी विधायक को ज्ञापन सौंपते रेसा के पदाधिकारी।