
Reshma's body will be handed over to India at 12 o'clock
बाड़मेर. बाड़मेर के अगासड़ी गांव की रेशमा का शव आज करीब 12 बजे भारत को सुपुर्द होगा। पाकिस्तान जीरो लाइन बॉर्डर पर पाकिस्तान उच्चायोग के सहयोग से एम्बुलेंस में शव पहुंच चुका है। यहां इमीग्रेशन की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। पाकिस्तान की ओर से पाक रैंजर्स के अलावा पहली बार इमीग्रेशन के स्टाफ को विशेष बुलाया गया है जो रेशमा और उसके बेटे शाहिब जिसको शव के साथ बॉर्डर क्रास करने की विशेष इजाजत मिली है भारत आएगा। इधर भारत में बीएसएफ, इमीग्रेशन स्टाफ, पुलिस का बड़ा जाप्ता, प्रशासनिक अधिकारी और रेशमा के परिजन पहुंच चुके है। जिन्हें शव का आने का बेसब्री से इंतजार है।
रेशमा के शव को मुनाबाव बॉर्डर से भारत लाने की इजाजत पाकिस्तान उच्चायोग ने सोमवार को दे दी थी। मीरपुरखास से रेशमा का शव मंगलवार की अलसुबह रवाना किया गया। यहां करीब सुबह नौ बजे शव के साथ बेटा शाहिब भी पहुंच गया। इधर भारत से भी तमाम इंतजाम के साथ दस बजे तक सारे लोग पहुंच गए है। इमीग्रेशन की जांच के बाद बताया जा रहा है कि करीब दोपहर 12 बजे गेट खुलेगा और रेशमा का शव भारत को सुपुर्द हो जाएगा।
गांव में है गम और बेसब्री-
रेशमा के गांव अगासडी में उनकी चार बेटियां अपनी अम्मी के आखिरी दीदार को पिछले छह दिन में है। आंखों के आंसू सूख गए है लेकिन मां के आखिरी दीदार नहीं हुए है। आज पाकिस्तान से उसका शव आने को है और उनके आंसू इंतजार में है। पूरा गांव और आसपास के कई गांवों के लोग यहां एकत्रित है। रेशमा के शव के इंतजार में गांव के सभी लोग परिजनों का ढाढ़स बंधा रहे है।
पाकिस्तान में बहिनों को है बेचैनी-
रेशमा पाकिस्तान में अपनी दो बहिनों को मिलने गई थी। इन बहिनों के घर से रेशमा का शव 25 जुलाई को इंतकाल बाद र वाना हो गया था। छह दिन से बहिनों की रुलाई नहीं टूट रही है। वे यही दुआ कर रही थी कि उनकी बहिनको देश की माटी नसीब हों। आज भी वे दुआओं के साथ आंसू बहाते हुए यही कह रही है कि 12 बजे रेशमा भारत पहुंचे और उसको घर की मिट्टी में सुपुर्द ए खाक किया जाए।
Published on:
31 Jul 2018 01:06 pm
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