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व्यापार में घाटा खाए युवकों ने रची थी डकैती की साजिश, 6 जने मुम्बई से धरे गए

बालोतरा के ज्वैलरी शो-रूम पर हुई वारदात का पर्दाफाश : डकैती की थी फिल्मी स्टाइल, हीरो की एंट्री ने किया असफल, पांच आरोपित अभी गिरफ्त से दूर

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bhawani singh

Nov 16, 2016

barmer

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बालोतरा के एक ज्वैलरी शो-रूम पर डकैती की योजना एकदम फिल्मी कहानी की तरह रची गई और इसका अंजाम भी मुम्बइयां फिल्मों जैसा हुआ। व्यापार में घाटा खा चुके 12 युवकों ने महाराष्ट्र में गैंग बनाई। रातों रात मालदार होने का सपना देखा। इसके लिए करीब हजार किलोमीटर दूर बालोतरा के एक ज्वैलर्स का शो रूम चुना। रैकी कर डकैती का फाइनल मैप भी तैयार किया लेकिन उनको उम्मीद नहीं थी कि 'क्लाइमैक्स' से पहले 'हीरो' बीच में कूदकर फिल्मी स्टाइल में ही उनके किए धरे पर पानी फेर देगा। हत्थे चढ़े आरोपितों से पुलिस ने सब कुछ उगलवा लिया है और बहुचर्चित इस गैंग के सात आरोपित पुलिस गिरफ्त में है।

पुलिस अधीक्षक डॉ.गगनदीप सिंगला ने बताया कि 19 अक्टूबर को दिनदहाड़े बालोतरा के एक गोल्ड शोरूम पर डकैती की विफल वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर कानाराम उर्फ कैलाश पुत्र लालाराम चौधरी निवास बाली जिला पाली हाल मलाड मुम्बई, भरत पुत्र जगदीश शर्मा निवासी खिवाड़ा पाली हाल विरार वेस्ट जिला पालघर महाराष्ट्र, शाकिल खां पुत्र साबिर खां निवासी खिवाड़ा पाली, बृजेश उर्फ आदित्य पुत्र भंवरलाल जैन निवासी पुरोहितों की गली नाणा पाली हाल मीरा रोड ईस्ट कोरल वन महाराष्ट्र, प्रवीण पुत्र छगनलाल ब्राह्मण पावाटा आहोर जालोर हाल वेस्ट नगर ठाना महाराष्ट्र, स्वपनिल पुत्र सकाराम शिल्कर निवासी वन्द्रापाड़ा पालघर महाराष्ट्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर वारदात के दौरान प्रयुक्त दो कार महाराष्ट्र से बरामद की।

ज्वैलरी लूट की विफल वारदात में पिस्टल की नोंक पर शोरूम मालिक व मुनिम को डरा-धमका कर वारदात को अंजाम देने का असफल प्रयास किया गया था, लेकिन पुलिस करीब एक माह बाद महज 6 आरोपी गिरफ्तार कर पाई है। इसमें भी पिस्टल अभी तक बरामद नहीं हुई है। अन्य पांच आरोपित भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं

इस तरह मुम्बई में बनाई गैंग

आरोपित भरत मुम्बई में ज्वैलरी का व्यापार करता था। इसे व्यापार में घाटा हो गया था। इसका जीतू से सम्पर्क हो गया। फिर जीतू ने भरत का बृजेश से सम्पर्क करवाया जो शेयर मार्केट के व्यापार में घाटे में चल रहा था। फिर इनका कानाराम से संपर्क हुआ, जो पूर्व में ज्वैलरी का कार्य करता था। इसके बाद एक के बाद एक एेसे ही व्यापार में घाटा खाए और मालदान होने का सपना पालने वाले बारह सदस्यों की गेंग बनी। उन्होंने तय किया कि वे अब डकैती या लूट करके मालदार बनेंगे।

कानाराम ने दिया बालोतरा का आइडिया

कानाराम ज्वैलरी के काम से बालोतरा आता-जाता था और वह इस ज्वैलर्स के बारे में पूरी जानकारी रखता था। उसने आइडिया दिया कि बालोतरा के इस बड़े शोरूम में लूट करते हैं तो उनको रिस्क कम रहेगी और शक भी नहीं होगा। इस पर सभी एकमत हो गए। मुम्बई में ही इस शो रूम को लूटने की योजना बना दी।

दशहरे पर तीन जनों को दिखाया ठिकाना

कानाराम सहित तीन जने दशहरे के दिन बालोतरा आए। इन्होंने यहां पहुंचकर शोरूम में मौजूद जेवरात सहित अन्य जानकारी के साथ ही नक्शा भी तैयार किया कि किस तरह वे इस शोरूम तक पहुंचकर लूट या डकैती कर सकते हैं। इसके बाद ये तीनों मुम्बई चले गए।

18 अक्टूबर को गैंग आई बालोतरा

बारह सदस्यों की यह गैंग 17 अक्टूबर को मुम्बई से रवाना हुई और 18 अक्टूबर को बालोतरा पहुंचे। यहां एक होटल व नाकोड़ा में ठहरने को रूम बुक किए हुए थे। यहां दर्शन करने के बाद कानाराम, स्पनिल और बृजेश बालोतरा आए। ज्वैलरी शो रूम की रैकी कर वापस नाकोड़ा आ गए। उसके बाद 19 अक्टूबर को होटल व नाकोड़ा में लूट की फाइनल योजना बनाई।

ये बनाया था प्लान

19 अक्टूबर को दिन में नाकोड़ा से मोती मार्केट पहुंचे। करीब एक घण्टे तक रैकी करने के बाद गैंग के सदस्य जीतू, ईश्वर, विक्रम, श्रवणकुमार व राहुल शोरूम में घुसे और पिस्तौल की नोंक पर वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया। प्रवीण, बृजेश व भरत शोरूम के बाहर खड़े रहे। शेष सदस्य कानाराम, स्वप्निल, संदीप, शकिल दोनों गाडिय़ों को स्टार्ट कर खड़े रहे।

हो गई हीरो की एंट्री और भाग छूटे

इस दौरान दुकान में लगे सीसी टीवी कैमरे के दृश्य व्यापारी के पोते मोहित के मोबाइल पर नजर आने पर वह हीरो की तरह भरे बाजार में दौड़ता-चिल्लाता हुआ शोरूम में पहुंच गया। अचानक हुई इस घटना से हड़बड़ी में ग्यारह लुटेरे मौके से भाग छूटे। एक (श्रवण पुत्र अनिल सुमेरपुर) हत्थे चढ़ गया जिसको पुलिस ने हिरासत में लेकर ठहरने के स्थान व भागे बदमाशों के बारे में पूछताछ की। उसने सबकुछ उगल दिया। पुलिस ने छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है और शेष की तलाश जारी है।

बालोतरा ही क्यों चुना?

आरोपित कानाराम ज्वैलरी का व्यापार करता था, जो कि बालोतरा स्थित इस ज्वैलरी शो रूम पर सामान पहुंचाने मुम्बई से यहां आता था। उसे इस शोरूम के बारे में सम्पूर्ण जानकारी थी। जिसके चलते इन्होंने इस शोरूम की रैकी कर मालिक से जेवरात की जानकारी लेकर इसे लूटने की योजना बनाई।

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