हादसों को न्योत रहे खंडहर, हर वक्त अनहोनी का रहता डर

- शहर में कई मकान क्षतिग्रस्त, गिरने का खतरा

- आस-पड़ौस के लोग चिंतित

-कई भवनों में चल रहा करोबार तो कहीं सूनसान

By: Dilip dave

Published: 25 Aug 2020, 07:47 PM IST

बाड़मेर. शहर में जर्जर भवन हादसों को न्योता दे रहे हैं। इनके आसपास रहवासी इलाका होने से लोगों की जान पर बन आने का खतरा मंडरा रहा है बावजूद इसके अभी तक इनको तोडऩे की कार्रवाई नहीं हो रही। खास बात यह है कि सरकारी इमारतें भी हैं जो खतरे का कारण बनी हुई है।

इसमें से एक इमारत पुराने आइटीआइ भवन को तो तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे ने करीब चार साल पहले ही हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन पालना अभी तक नहीं हुई। वहीं, शहर रेलवे स्टेशन के सामने एक भवन में तो रेस्टोरेंट सहित कई दुकानें चल रही है जिसको हटाने का नोटिस देकर नगरपरिषद ने इतिश्री कर ली। बारिश का मौसम शुरू होते ही शहर की खस्ताहाल इमारतें लोगों को डराने लग जाती है।

इन भवनों की स्थिति बेहद खराब होने से कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। शहर में एेसे भवन एक-दो दिन करीब बीस-तीस होंगे जो खतरे का सबब बने हुए हैं। इनमें से सरकारी भवन भी शामिल है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण पुलिस लाइन के सामने बना पुराना आइटीआइ भवन है।

नया आइटीआइ भवन करीब डेढ़ दशक से उत्तरलाई रोड पर संचालित हो रहा है जबकि पुराना भवन बेकार है। इस भवन की सार संभाल नहीं लेने से अब यह गिरने जैसी स्थिति में है। करीब चार साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधराराजे बाड़मेर आई तो उन्होंने इस भवन की स्थिति देख तत्काल गिराने के निर्देश प्रशासन को दिए थे, लेकिन प्रशासन आदेश की पालना करना ही भूल गया। इस भवन में छोटे बच्चे खेलने जाते हैं, जिससे अभिभावकों को भी डर रहता है। वहीं, रेलवे स्टेशन के सामने एक भवन भी काफी पुराना ने नगरपरिषद की माने तो कई बार मालिक को नोटिस भी दिया लेकिन भवन की मरम्मत नहीं करवाई जा रही है। इस भवन में रेस्टोरेंट, किराना दुकानें सहित कई दुकानें हैं, जहां सुबह से शाम तक ग्राहकों की भीड़ रहती है। वहीं, वार्ड तेरह में भी एक मकान जर्जर है तो जोशियों का वास, पनघटरोड पर भी दो-तीन मकान जर्जर हो चुके हैं, जिनके मालिक बाड़मेर में नहीं रहते।

नोटिस के बाद इतिश्री- अधिकांश मकान मालिकों को नगरपरिषद की ओर से नोटिस देने की बात कही जा रही है, लेकिन इसके बाद क्या कार्रवाई की गई, यह जानकारी कोई नहीं दे रहा। एेसे में यह तय है कि नगरपरिषद की ओर से मात्र औपचारिकता की निभाई जा रही है।

नोटिस दिए, शिकायत पर कार्रवाई- शहर में कुछ भवन क्षतिग्रस्त है। इनको लेकर संबंधित को नोटिस जारी करते हैं। कहीं कोई भवन एेसा होने पर आस-पड़ौस से शिकायत आने पर भी कार्रवाई की जाएगी।- अशोक शर्मा, आयुक्त नगरपरिषद

Dilip dave Desk
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