10 मई 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विद्यालय किए क्रमोन्नत, पढ़ाने वाले तो चले गए!

- हर ग्राम पंचायत को मिला उच्च माध्यमिक विद्यालय, नहीं मिला एक भी व्याख्याता- पहले से लगे शिक्षकों ने भी करवा लिया तबादला - अब सत्र के दो माह बीते नहीं खुली उच्च कक्षा की किताबें

2 min read
Google source verification
barmer news

barmer news

गडरारोड . तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायतों पर स्थित विद्यालयों की क्रमोन्नति यहां के विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन गई है। राज्य सरकार ने हर ग्राम पंचायत पर स्थित एक विद्यालय को उच्च माध्यमिक में क्रमोन्नत तो कर दिया, लेकिन यहां एक भी व्याख्याता नहीं लगाया। ऐसे में यहां पढऩे वाले विद्यार्थियों की अब तक पढ़ाई शुरू भी नहीं हो पाई है। अपने ही गांव में उच्च अध्ययन की उम्मीद रख प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का अब भविष्य प्रभावित हो रहा है।
तहसील क्षेत्र की 20 ग्राम पंचायतों में स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में करीब 90 व्याख्याताओं के पद रिक्त हैं, यहां मात्र 20 व्याख्याताओं के भरोसे ही विद्यालय संचालित हो रहे हैं।

्रइस वर्ष 7 विद्यालय हुए क्रमोन्नत
नए सत्र में इस बार राज्य सरकार ने 7 विद्यालयों को क्रमोन्नत किया गया। वहीं इसके विपरीत यहां एक भी व्याख्याता नहीं लगाया गया है। ऐसे में लगातार 11वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की अब तक किताबें भी नहीं खुली हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नजदीक विद्यालय के चक्कर में बच्चों को प्रवेश तो दिला दिया, लेकिन अब उनका भविष्य प्रभावित होते देख दु:ख हो रहा है।

जाने वाले गए, नहीं आया कोई नया

चुनावी साल में शिक्षकों के स्थानान्तरण से रोक हटते ही एक साथ कई शिक्षकों ने अपना स्थानान्तरण करवा लिया। ऐसे में यहां के विद्यालय लगभग खाली ही हो गए। तहसील क्षेत्र के 28 उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सत्र प्रारंभ के समय 17 प्रधानाचार्य थे। इनमें से अब मात्र 07 ही रह गए हैं। वहीं सैकड़ों शिक्षकों ने तबादला करवा लिया। इसके विपरीत बाहर से कोई भी शिक्षक यहां नहीं आना चाहता और नवचयनितों की नियुक्ति पर रोक के चलते बच्चों को पढ़़ाने वाला कोई नहीं है।

ग्रामीणों ने शिक्षामंत्री को लिखा पत्र
तहसील क्षेत्र के बाण्डासर ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शिक्षामंत्री वासुदेव देवनानी को पत्र भेजकर व्याख्याताओं के सभी रिक्त पद भरने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने स्कूल की तालाबंदी करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्रमोन्नत हुए विद्यालयों में शिक्षकों के पद पहले से ही काफी रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में उच्च कक्षाओं को पढ़ाने के लिए कोई व्याख्याता या शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से विद्यालय की व्यवस्था और भी बिगड़ गई है।

नहीं पढ़ पाएंगे विज्ञान

सीमावर्ती गांवों के किसी भी विद्यालय में विज्ञान संकाय नहीं है। साथ ही कोई व्याख्याता नहीं मिलने के चलते बच्चों के लिए इसे समझना मुश्किल है। ऐसे में यहां के विद्यार्थी चाह कर भी विज्ञान नहीं पढ़ पा रहे हैं। वहीं बाहर जाकर पढऩा अधिकतर के बजट से बाहर की बात है।

इस वर्ष ये विद्यालय हुए क्रमोन्नत
तहसील क्षेत्र के बाण्डासर, रतरेड़ी, खुडाणी, खारची, रावतसर, मुनाबाव में इसी सत्र से उच्च माध्यमिक विद्यालय क्रमोन्नत हुए हैं।

अधिकारी वर्जन

अभी सब जगह यही हाल है। शिक्षक स्थानांतरण से रोक हटने के बाद काफी पद रिक्त हो गए हैं। ये अब डीपीसी और प्रमोशन की सूची आने के बाद ही भरना संभव हो पाएगा। नयी भर्ती से भी व्याख्याता आने वाले हैं।
- ओमप्रकाश शर्मा, जिलाशिक्षा अधिकारी, बाड़मेर

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग