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अगस्त महीने में 80000 से अधिक बीमार पहुंचे अस्पताल

-डेंगू से ज्यादा इस बार मलेरिया बना हुआ है कहर-अवकाश के दिन भी ओपीडी में 2 बजे तक रोगियों की कतारें-मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार, दवा की दुकानों पर भी इंतजार

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अगस्त महीने में 80000 से अधिक बीमार पहुंचे अस्पताल

अगस्त महीने में 80000 से अधिक बीमार पहुंचे अस्पताल

मौसमी बीमारियों पर नियंत्रण नहीं होने का नतीजा यह हो रहा है कि अस्पताल में मरीजों की भरमार है। जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों के पैर रखने की जगह तक नहीं मिलती है। हर घर बुखार के मरीज है। अगस्त महीने साल का ऐसा महीना रहा है जब जिला अस्पताल की ओपीडी 80 हजार मरीजों का आंकड़ा पार कर गई। वहीं सितम्बर की शुरूआत से ही मरीजों की भरमार और बढ़ी है। ओपीडी करीब 3000 के आसपास तकचल रही है।
अस्पताल रोगियों से भरे पड़े है। सबसे अधिक मरीज बुखार और मौसमी बीमारियों के है। इसमें सभी आयु वर्ग के मरीज है। ओपीडी में अवकाश के दिन भी सामान्य दिनों की तरह लाइनें लग रही है, जो दोपहर बाद तक भी खत्म नहीं होती है। यहां तैनात चिकित्सक लगातार मरीज देखते है, फिर भी कतारें खत्म होती नहीं दिख रही है।
बड़ों के साथ बच्चों को भी मलेरिया
इस बार मलेरिया के मरीज ज्यादा सामने आ रहे हैं। इसमें बच्चे भी शामिल है। हालांकि मलेरिया पीवी होने से ज्यादा खतरा नहीं है। लेकिन इस बार मलेरिया बढ़ा है। जबकि पिछले साल अगस्त खत्म वक्त डेंगू ने आतंक मचाया था। पिछले साल बाड़मेर जिले में 600 से अधिक डेंगू रोगी मिले थे। लेकिन इसर बार मलेरिया कहर ढा रहा है। बच्चे भी इससे प्रभावित हो रहे है। कई मलेरिया के रोगी भर्ती किए जा रहे हैं।
छुट्टी के दिन भी ओपीडी में कतारें
रविवार के साथ अन्य दिनों के अवकाश में ओपीडी का समय सुबह 8 से 11 बजे तक होता है। लेकिन अगस्त के बाद अब सितम्बर में भी यह हालात है कि अस्पताल की ओपीडी 2 बजे तक तो चल ही रही है। रक्षाबंधन और अन्य छुट्टियों को भी अस्पतालों में भारी भीड़ उमड़ रही है। सोमवार को बाबा दशमी पर अवकाश के दिन भी ओपीडी में सुबह से ही सामान्य दिनों की तरह मरीजों की कतारें लगी रही।
अस्पताल के सामान्य दिनों में ओपीडी 3000 से ऊपर तक जा रही है। वहीं कई दिन ऐसे भी रहे जब 4 हजार तक मरीज अस्पताल पहुंचे।
प्रतिदिन 150 के करीब हो रहे भर्ती
ओपीडी के साथ आइपीडी में भी भर्ती होने वालों की संख्या बढ़ी है। प्रतिदिन यह संख्या औसतन 150 तक है। इसमें भी मौसमी बीमारियों से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक है। भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढऩे से वार्ड भी भरे हुए है।
वायरल के मरीज अधिक
अस्पताल में वायरल के मरीज ज्यादा है। मौसम में बदलाव और बरसात के बाद मरीजों की संख्या बढ़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों से बीमार जिला अस्पताल आ रहे है। मरीजों को मौसम का ध्यान रखते हुए बचाव के उपाय अपनाने चाहिए। जिससे बीमारियों से बचाव हो सके।
-डॉ. थानसिंह (मेडिसिन) राजकीय जिला अस्पताल बाड़मेर

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