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4 हजार किसानों की जमीन पर कोयले की कालिख, सरकार की ओर से नहीं मिला कोई जवाब, जानिए पूरी खबर

- आरएसएमएम ने लिखा हमें जमीन नहीं चाहिए, अब सरकार के आदेश का इंतजार - ग्राम पंचायत में विकास कार्य अटके, ग्रामीण परेशान

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Soil of coal , land of 4 thousand farmers

Soil of coal on the land of 4 thousand farmers No response by govt

बाड़मेर. राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल (आरएसएमएम) ने पांच साल बाद शिवकर लिग्नाइट परियोजना के तहत चार गांवों में कोयला निकालने के लिए आवाप्त की गई 4047 बीघा जमीन लेने से मना कर दिया है। इसे लेकर आरएसएमएम ने उपखण्ड अधिकारी को पत्र लिख कर जमीन को अवाप्ति मुक्त करने को कहा है। लेकिन जिला प्रशासन ने अवाप्त मुक्त करने की स्वीकृति की फाइल राज्य सरकार को भेज दी है। लेकिन सरकार की ओर से कोई जबाव नहीं मिला है। ऐसे में पिछले पांच वर्षो से 4 हजार किसान परेशानी झेल रहे हंै।

जिले के शिवकर, महाबार, आदर्श आगोर और बाड़मेर आगोर क्षेत्र में लिग्नाइट कोयला निकालने को तथा पावर प्लांट स्थापित करने के लिए भूमि को अवाप्त कर 450 करोड़ का अवार्ड जारी किया था। लेकिन पांच साल इंतजार के बाद उन्होंने जमीन लेने से हाथ पीछे खींच लिए है। लेकिन पांच सालों से किसान सरकार व कंपनी के चक्कर में परेशानी झेल रहे है। यहां पंचायत में करोड़ों रूपए के विकास कार्य अटके पड़े हैं। इतना ही नहीं यहां पर स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले शौचालय भी नहीं बन पा रहे हैं।
पशु चिकित्सालय, किसान भवन अटकेे

बाड़मेर आगोर ग्राम पंचायत में पशु चिकित्सालय खोलने के लिए 22 लाख रुपए की स्वीकृति करीब दो साल पहले मिल चुकी है। वहीं किसानों के सुविधा केन्द्र खोलने को स्वीकृति मिल गई है। लेकिन भूमि आवाप्ति का मामला अधरझूल होने से यहां जमीन नहीं मिल रही है। ऐसे में हजारों किसानों को परेशानी हो रही है।
यह भी परेशानी

शिवकर लिग्नाइट परियोजना में सर्वे भूमि पर बसने वाले परिवारों को सरकारी योजनाओं को लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां किसान अपनी जमीन का बेचान भी नहीं कर पा रहे हैं। वहीं किसानों को सरकारी बैंक में ऋण भी नहीं मिल रहा है।
- किसानों के साथ अन्याय है

किसानों की जमीन को न तो अवाप्त कर रही है, न ही मुक्त करने की कार्रवाई। इस बारे में अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने पर मामला सरकार स्तर पर लंबित होने की बात कही जा रही है। यह एक तरह से अन्याय हो रहा है। किसान भूमि का उपयोग नहीं ले पा रहे हैं। - जोगराजसिंह, किसान नेता
- विकास कार्य अटके पड़े हैं

पांच सालों से पंचायत के विकास अटके पड़े हंै। यहां किसान भवन, पशु चिकित्सालय सहित कई विकास अटके हैं। किसान परेशान हैं। सरकार जल्द निर्णय करें। - शम्भुसिंह, सरपंच बाड़मेर आगौर
- आवाप्त भूमि को मुक्त कर दिया।

हमने शिवकर लिग्नाइट परियोजना में आवाप्त की गई जमीन को मुक्त करने के लिए उपखण्ड अधिकारी को लिख दिया है। आगे की कार्रवाई जिला प्रशासन करेगा। - ए.सी. शर्मा महाप्रबंधक आरएसएमएम बाड़मेर
- हमने सरकार को लिखा हैं

भूमि आवाप्त मुक्त करने को लेकर कंपनी का आदेश मिला है, उसके बाद हमने राज्य सरकार को लिख दिया है। वहां से स्वीकृति मिलने पर जमीन को आवाप्त मुक्त किया जाएगा। - नीरज मिश्र, उपखण्ड अधिकारी बाड़मेर