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इधर ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त, उधर बढ़ा लॉकडाउन, स्कू  ल कैसे पहुंचे शिक्षक

- साधन ना सुविधा विद्यालय पहुंचने में आ सकती है अध्यापकों को परेशानी- बाहरी शिक्षकों के आने से संक्रमण का भी सता रहा डर

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इधर ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त, उधर बढ़ा लॉकडाउन, स्कू  ल कैसे पहुंचे शिक्षक

इधर ग्रीष्मकालीन अवकाश समाप्त, उधर बढ़ा लॉकडाउन, स्कू  ल कैसे पहुंचे शिक्षक



बाड़मेर. एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए आमजन को घरों में रहने को कहा जा रहा है तो दूसरी ओर शिक्षकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश खत्म हो रहा है। एेसे में उनको घर से कई किमी दूर ड्यूटी पर आना होगा। यह उनके चिंता का कारण भी है। घर से विद्यालय आने के लिए एक तरफ जहां साधन नहीं होंगे तो दूसरी ओर संक्रमण का खतरा भी रहेगा। एेसे में शिक्षकों को इंतजार है तो सिर्फ ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने का।

कोरोनाकाल को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश के विद्यालयों में 6 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित कर रखा है। वहीं, दूसरी ओर 8 जून तक राज्य में त्रिस्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन होगा जिससे कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। त्रिस्तरीय जन अनुशासन लॉकडाउन के चलते निजी वाहनों सहित बसों का संचालन भी बंद रहेगा तो 21 जून तक धारा 144 लागू होने के कारण ५ से अधिक लोग एक साथ एकत्रित भी नहीं हो सकते।

एेसे में शिक्षकों की चिंता यह है कि वे स्कू ल कैसे जा पाएंगे। उनके अनुसार 7 जून से यातायात बंद रहने तथा कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते शिक्षकों का विद्यालय पहुंचना संक्रमण को बढ़ावा देना होगा।

हजारों शिक्षक अन्य जिलों के, आना होगा ड्यूटी पर- जिले की बात की जाए तो करीब चौदह हजार अध्यापक प्राथमिक शिक्षा के तहत लगे हुए हैं तो करीब दस हजार माध्यमिक शिक्षा में। इनमें से करीब नौ हजार शिक्षक एेसे हैं जो बाड़मेर जिले के नहीं है। वे इन दिनों अपने गृह जिले में है जिनको स्कू ल खुलने पर बाड़मेर आना होगा। लॉकडाउन के चलते आवागमन के साधन बंद होने पर वे बाड़मेर कैसे पहुंच पाएंगे, इसकी चिंता है।

जिले के शिक्षकों को भी होगी दिक्कत- जिले में भी शिक्षकों को दिक्कत हो सकती है। अधिकांश शिक्षक शहरों में रह रहे हैं, जिनकों स्कू ल पहुंचने के लिए कई किमी का सफर तय करना होगा। इस दौरान लोगों के सम्पर्क में आने पर संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा।

टीकाकरण से भी वंचित- इससे भी खास बात यह है कि माध्यमिक शिक्षा के करीब पांच हजार अध्यापकों को अभी तक टीका ही नहीं लगा है। सरकार ने पूर्व में इन्हें फ्रंट लाइन वर्कर नहीं माना जिस पर टीकाकरण नहीं हो पाया। अब सरकार ने आदेश दिए हैं, लेकिन टीकाकरण में नम्बर नहीं आ रहा है। ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाया जाए- ग्रीष्मकालीन अवकाश ६ जून तक ही है। प्रदेश में जब लॉकडाउन चल रहा है तो सरकार ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाए, जिससे कि अध्यापकों को ड्यूटी पर आने में दिक्कत नहीं हो।- विनोद पूनिया, जिला मंत्री राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत

अवकाश आगे बढ़ाया जाए- जब तक प्रदेश में लॉकडाउन चल रहा है तब तक स्कू ल नहीं खुलने चाहिए, क्योंकि दूसरे जिलों के शिक्षकों का आवागमन कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ा देगा। सरकार इस बारे में सोचे।- शेरसिंह भूरटिया, शिक्षक नेता राजस्थान शिक्षक संघ प्राथमिक एवं माध्यमिक

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