
The absence of fodder and water over the border
सीमा पर चारे-पानी का अभाव, पशुधन बन रहा काल का ग्रास
सीमावर्ती ग्रामीण पहुंंचे प्रशासन के द्वार, पशु शिविर खोलने की रखी मांग
गडरारोड ञ्च पत्रिका . सीमावर्ती क्षेत्र में अकाल के चलते पशुधन काल कावलित हो रहा है। लोगों के लिए महंगे दाम पर चारा-पनी खरीदना संभव नहीं हो पा रहा है। इसी समस्या को लेकर सोमवार को क्षेत्र के बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रशासन की चौखट पर पहुंचे। उन्होंने गांवों में पशुओं को बचाने के लिए पशु शिविर शुरू करने की मांग रखी।
भारतीय किसान संघ के जिला सहमंत्री तनसुख जोशी ने बताया कि सीमावर्ती सैकड़ों गांवों में बारिश के अभाव में चारे-पानी का भीषण संकट उत्पन्न हो गया है। यहां के सभी पारंपरिक जल स्रोत सूख चुके हैं। ऐसे में पशु पालकों को पीने का पानी, चारा महंगे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। इससे उनकी लगातार दयनीय होती जा रही है। इसको लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंप शीघ्र पशु शिविर खोलने व टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करने की मांग रखी। उन्होंने एक सप्ताह में मांगे नहीं मानने पर जिला स्तर पर आंदोलन करने की बात कही। तहसील अध्यक्ष गोविंदराम चौहान ने बताया कि डेजर्ट नेशनल पार्क सीमा में आने वाले गांवों में पाइप लाइन नहीं बिछा सकते। ऐसे में यहां पानी के टैंकरों से पानी की आपूर्ति नहीं हुई तो ग्रामीणों के संकट खड़ा हो जाएगा। इस दौरान सरपंच रघुवीरसिंह सोढा, भाकिसं तहसील अध्यक्ष गोविन्दराम चौहान, किशनसिंह भाटी तामलोर, प्रेमाराम पाबूसरी, मांगीलाल लोढा, प्रताप भील, भीमसिंह सरगीला, अभसिंह उत्तरबा, नखतुराम, भूरसिंह, मीरूराम, सखीराम, भंवराराम, समरथदान, आलम बाण्डासर, पूंजाराम, अनवर खान सहित कई किसान व पशुपालक मौजूद रहे।
ओरण भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग
शिव . ग्राम पंचायत आरंग में करीबन 45सौ बीघा ओरण जमीन पर अवैध कब्जों को हटाने मांग रखी। उन्होंने ओरण बचाने की शपथ लेते हुए उपखंड अधिकारी नानूराम सैनी, तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित व थानाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण प्रभुदान व शक्तिदान देथा ने बताया कि ओरण भूमि में कुछ लोगों ने कब्जा करने की नीयत से पत्थर डालकर अतिक्रमण कर दिया है। इससे धीरे-धीरे ओरण की जमीन कम हो रही है। उन्होंने बताया कि यहां लोक देवता पाबूजी मंदिर के साथ परंपरागत जल स्रोत भी है। साथ ही विभिन्न गांवों का पशुधन भी चरागाह के लिए आते हैं।
इस दौरान उपखंड अधिकारी नानूराम सैनी ने तहसीलदार शैतानसिंह राजपुरोहित को तीन भू-अभिलेख निरीक्षकों के साथ पटवारियों की टीम का गठन कर जमीन पैमाइश करने के साथ अतिक्रमण बेदखल करवाने के निर्देश दिए।
Published on:
23 Oct 2018 09:58 am
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