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इस शहर में शादी समारोह के लिए जमीन देगी नगरपरिषद, निर्णय पारित, पढ़ें पूरी खबर

विभिन्न समाजों को मिलेगी भूमि, जेरला व खेड़ रोड पर सरकारी जमीन से होगा आवंटन

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इस शहर में शादी समारोह के लिए जमीन देगी नगरपरिषद, निर्णय पारित, पढ़ें पूरी खबर

इस शहर में शादी समारोह के लिए जमीन देगी नगरपरिषद, निर्णय पारित, पढ़ें पूरी खबर


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बालोतरा.

नगर में मंगलवार को नगर परिषद की साधारण बैठक सभापति रतन खत्री की अध्यक्षता में हुई। इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। कुछ मुद्दों पर बहस को छोड़ बैठक शांत रही।
मंगलवार मध्यान्ह 3 बजे बैठक प्रारंभ हुई। आयुक्त रामकिशोर ने बैठक एजेण्डा का वाचन करते हुए अवाप्त भूमि खसरा 844 के बारे में विचार मांगे। पार्षद नरसिंग प्रजापत, नरेश ढेलडिय़ा आदि ने इस पर विरोध प्रकट करते हुए कहा कि यह सही नहीं है। सरकार ने जब भूमि अवाप्त कर ली है, तब वापिस नहीं दी जाए। नगर परिषद इस पर कार्य योजना बनाकर विकास के कार्य करवाएं। अवाप्त भूमि 934 के खातेदारों को भूमि के बदले 25 प्रतिशत भूमि देने के विषय पर पार्षद मानवेन्द्र परिहार, शैतानसिंह चारण आदि ने विरोध किया। कहा कि जब सरकार ने 25 फीसदी के पूर्व में भिजवाए प्रस्ताव को निरस्त कर 15 फीसदी देने के आदेश दिए हैं, तब फिर से बैठक में प्रस्ताव लाना सही नहीं है। मांगीलाल सांखला ने कहा कि जमीन सरकार की है और राय मांगी है। इस पर पार्षद अपनी राय दें। कई वर्षों से अटके इस मामले से परिषद को कमाई नहीं हो रही है। इससे विकास प्रभावित हो रहा है। पार्षद नरसिंग प्रजापत ने कहा कि जयपुर के पृथ्वीराज नगर के एक फैसले को लेकर पूरे प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति के परिवारों को पट्टा जारी नहीं करने पर रोक लगा रखी है। यह अनुचित है। इससे इस वर्ग के परिवारों को पट्टे नहीं मिल रहे हंै। पार्षद इन वर्ग के परिवारों को पट्टा जारी करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भिजवाए। सभी सदस्यों ने इस पर सहमति जताई।

दस समाजों को मिलेगी जमीन- सभापति ने विभिन्न समाजों को शादी विवाह आयोजन व छात्रावास निर्माण को लेकर 1,2 व 5 बीघा भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि पूर्व बैठक मेंं 10 समाजों को जमीन देने पर सहमति दी थी। नरेश ढेलडिय़ा, पुष्पराज चौपड़ा, पी राजेश जैन, शैतानसिंह चारण, मानवेन्द्र परिहार ने सुझाव दिए। सभापति रतन खत्री ने कहा कि खेड, जेरला में सरकारी जमीन है। सदन जो निर्णय लेगा, उसके अनुसार जमीन दी जाएगी। इस दौरान एक वर्ग को दस बीघा जमीन आवंटित करने के प्रस्ताव को लेकर विरोध भी हुआ।