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बुजुर्गों को दूसरी डोज ना युवाओं का नम्बर, कैसे मिलेगा सुरक्षा कवच?

- आधे बुजुर्गों के अभी तक नहीं लगे टीके, युवा भी कतार में

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बुजुर्गों को दूसरी डोज ना युवाओं का नम्बर, कैसे मिलेगा सुरक्षा कवच?

बुजुर्गों को दूसरी डोज ना युवाओं का नम्बर, कैसे मिलेगा सुरक्षा कवच?

दिलीप दवे बाड़मेर. कोरोना महामारी के दौर में वैक्सीनेशन में बाड़मेर आगे तो बढ़ रहा है, लेकिन मंथर गति के चलते लक्ष्य से दूरी ज्यादा है। अभी भी बुजुर्गों का न तो पूरा टीकाकरण हुआ है और न ही युवाओं का नम्बर आ रहा है। स्थिति यह है कि पैंतालीस से अधिक आयु के २ लाख ९० हजार से अधिक लोग टीकाकरण से वंचित है तो युवाओं की तादाद मात्र पन्द्रह हजार ही है। इधर, जिले में भी १८ वर्ष से कम आयु के कोरोना मरीज आने से बच्चों के संक्रमित होने की चिंता है जबकि देश में इनके लिए तो अभी टीका ही नहीं आया है। ४५ से अधिक आयु के लोगों की द्वितीय डोज तो अंगुली पर गिनने लायक ही है। सीमावर्ती जिले बाड़मेर में कोरोना का कहर पिछले कुछ दिनों से जारी है। जिले में करीब १६ हजार जने अब तक संक्रमित हो चुके हैं।

एेसे में कोरोना बचाव के उपायों के साथ वैक्सीनेशन की जरूरत बताई जा रही है। जिले में कोरोना टीकाकरण का दौर चलने से हालांकि काफी तादाद में टीकाकरण हुआ तो है, लेकिन अभी भी ४४ फीसदी बुजुर्गों के टीका नहीं लगा है।

गौरतलब है कि पैंतालीस से साठ तक की आयु के लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य ३७२५०२ था जिसके मुकाबले प्रथम डोज १८८७३८ को लगी जबकि द्वितीय डोज १८८२२ को ही लगी। वहीं साठ उम्र से अधिक के २९८७३५ का टीकाकरण होना था जिसमें से १९१५६० को प्रथम डोज व ४७९६७ को द्वितीय डोज लगी है।

युवाओं का लम्बा हो रहा इंतजार- सरकार ने ३ मई से प्रदेश में १८ से ४४ आयु वर्ग के लोगों के टीकाकरण की घोषणा की थी। इसके बाद कुछ दिन तक तो टीका उपलब्ध ही नहीं था। बाद में टीकाकरण शुरू हुआ तो रजिस्ट्रेशन फुल होने से नम्बर ही नहीं आ रहा। स्थिति यह है कि हजारों युवा टीकाकरण के इंतजार में है, लेकिन चंद लोगों को ही टीका लग रहा है। जिले में सोमवार तक १५१६२ युवाओं को ही कोरोना की प्रथम डोज लग पाई थी।

बच्चों की चिंता पर टीकाकरण दूर- पिछले कुछ दिनों में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक देने की खबरें आ रही है। प्रदेश के दो जिलों में करीब छह सौ बच्चों में लक्षण मिले हैं तो जिला अस्पताल में भी कुछ बच्चे कोरोना संक्रमित होने की आशंका से भर्ती किए गए हैं। एेसे में घर-घर बच्चों की चिंता है। जिले में करीब दस लाख बच्चे हैं। इनकी सुरक्षा को लेकर टीकाकरण तो देश में भी दूर की कौड़ी बना हुआ है। अधिक से अधिक टीकाकरण पर जोर- हम जगह-जगह शिविर लगा कर कोरोना टीकाकरण कर रहे हैं। ४५ से अधिक आयु के लोगों के द्वितीय डोज में काफी प्रगति हो रही है। युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया हुआ है, जैसे-जैसे नम्बर आएगा उनका वैक्सीनेशन हो जाएगा। आमजन से अपील है कि टीकाकरण के बाद भी वे कोरोना गाइडलाइन की पालना करेें।- डॉ. प्रीत मोहिन्दर, आरसीएमएचओ बाड़मेर

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