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यहां यातायात पुलिस केवल खड़ी है….

बल्र्ब- किसी भी शहर की व्यवस्था में बहुत बड़ी भूमिका अब टे्रफिक की है। बड़े शहर में वाहनों की संख्या लगतार बढ़ रही है और जो सड़कें कल तक चौड़ी लग रही थी अब वे संकड़ी होती जा रही है। उस पर अतिक्रमण और व्यवस्थाएं चरमराई हों तो फिर आम आदमी के लिए चलना दुभर हो जाएगा।

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यहां यातायात पुलिस केवल खड़ी है....

यहां यातायात पुलिस केवल खड़ी है....

यहां यातायात पुलिस केवल खड़ी है....
फोटो समेत
पत्रिका अभियान- ट्रेफिक जाम से मिले निजात
बल्र्ब- किसी भी शहर की व्यवस्था में बहुत बड़ी भूमिका अब टे्रफिक की है। बड़े शहर में वाहनों की संख्या लगतार बढ़ रही है और जो सड़कें कल तक चौड़ी लग रही थी अब वे संकड़ी होती जा रही है। उस पर अतिक्रमण और व्यवस्थाएं चरमराई हों तो फिर आम आदमी के लिए चलना दुभर हो जाएगा। बाड़मेर शहर का इन दिनों यही हाल है। अपर्याप्त पार्किंग जोन और उस पर चारों ओर बढ़ रहे अतिक्रमण ने शहर की हालत खराब कर दी है। यातायात पुलिस इसे रोजमर्रा का काम समझकर ट्रेफिक प्लान पर काम रही है न ही इस प्लान को अपडेट किया जा रहा है, लिहाजा शहर में अब ट्रेफिक जाम के हालात से दुर्घटनाएं भी बढऩे लगी है।
बाड़मेर पत्रिका.
अहिंसा सर्किल
अहिंसा सर्किल अङ्क्षहसा सर्किल पर पुलिस की घुमटी, आठ दस यातायात पुलिसकर्मियों का जमावड़ा रहने के बाद होटलों के आगे तक दुकानदारी जमाकर लोग बैठ गए है। ठेले और केबिन तो इतने आगे तक आ गए है कि वाहनों के चलने के सड़क बची ही कम है। इस पर बड़े वाहन यहां खड़े ही नजर आते है। पुलिसकर्मी यहां एक वाहन लेकर दिनभर घूमते है लेकिन इसमें दुपहिया वाहन ही डाले जा रहे है, बड़े वाहनों को ट्रोल करने का दृश्य तो नजर ही नहीं आता है।
किसान बोर्डिंग के सामने
यहां पुल के नीचे उतरने वाले वाहन अपनी मर्जी से मुड़ते है। ट्रेफिक नियमों की पालना और तोडऩा उनकी मर्जी पर है। दुपहिया नहीं यहां तो बड़े वाहन भी मौका देखकर इधर-उधर से चल पड़ते है,केवल पांच सौ मीटर का अहिंसा चौराहे का चक्कर बचाने के चक्कर में यह सब हो रहा है और पुलिसकर्मी इस व्यवस्था में लोगों से झिकझिक नहीं करने की माथापच्ची से बचने के लिए इस अव्यवस्था को सहन कर रहे है।
सिणधरी चौराहा
यहां पर पुलिस की घुमटी और पुलिसकर्मी तैनात होने के बावजूद सिणधरी बसों, सड़क पर खड़े ठेलों, सड़क तक आए केबिन, बसों, रोड़ किनारे खड़े वाहनों को हटाया नहीं जा रहा है। पुलिसकर्मी मूकदर्शक बनकर दिनभर यहां जाम होते ट्रेफिक को रोक नहीं पा रहे है। जरूरी तो यह है कि चौराहे से लेकर पांच सौ मीटर तक की रोड़ तक वाहनों और ठेलों को यहां खड़े होने को जगह ही अब नहीं दी जाए। इस चौराहे के चारों ओर यही हाल है।
चौहटन चौराहा
सड़क के चारों किनारों पर सड़क कम नजर आती है और अतिक्रमण ज्यादा। पुलिसकर्मी आने-जाने वाले बड़े वाहनों और छोटे वाहनों की रसीदें काटते तो नजर आते है लेकिन पता नहीं अतिक्रमण की बड़ी बेल को भूल बैठे है। जब चलने ो सड़क ही कम बची है तो वाहनों का जाम लगना तो वाजिब है।
पत्रिका व्यू
- यातायात नियमों का पालन करें।
- अपने वाहन को सही जगह पर पार्क करें।
- अतिक्रमण में सहायक नहीं बनें।
- अपनी साइड में ही वाहन चलाएं

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