यह थी पोषण वाटिका की प्राथमिकताएं- पोषण वाटिका लगाने के लिए विभागीय या सरकारी भवनों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता दी गई थी। इन स्थानों पर पर्याप्त पानी, स्थान व पौधों की सुरक्षा के लिए बाउंड्री होना जरूरी था। बिना चारदीवारी वाले केन्द्रों पर ग्राम पंचायत के सहयोग से चारदीवारी का निर्माण करवाना था। नंदघर वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इसको प्राथमिकता से करना था। वहीं, सितम्बर २०२० तक यह कार्य पूर्ण होना था। इन नियमों के तहत जिले के १६० आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पोषण वाटिकाएं लगाई गई। इस कार्य के लिए प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र को दस हजार रुपए की राशि आवंटित की गई।