
कोविड का मुकाबला, रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा को मिलेगा बढ़ावा
बाड़मेर। जिले में कोरोना से प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने को घर-घर में तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा, कालमेघ जैसे औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। योजना क्रियान्वयन के लिए वन विभाग को पूरी तैयारी करने को कहा गया है।
जिला कलक्टर लोक बंधु ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2021-22 के बजट भाषण में की गई घोषणा के अनुसरण में राज्य में औषधीय पौधों के संरक्षण एवं नागरिकों के स्वास्थ्य रक्षण को घर-घर औषधि योजना के तहत औषधीय पौधों को विकसित कर तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के पौधे वन विभाग की पौधशालाओं में उपलब्ध कराए जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है।
योजना का लक्ष्य
पांच वर्षों में राज्य के लगभग 1 करोड़ 26 लाख परिवारों को योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा। वर्ष 2021-22 में उप वन संरक्षक बाड़मेर द्वारा 4,50,624 परिवारों को लाभान्वित करने के लिए 19,82,746 पौधे तैयार किए जाएंगेे। प्रत्येक परिवार को चार प्रकार की औषधीय प्रजातियों तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा एवं कालमेघ के दो दो पौधे अर्थात् कुल 8 पौधे थैलियों में इस वर्ष सहित कुल पांच वर्षों में तीन बार वन विभाग की पौधशालाओं से नि:शुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे।
Published on:
27 May 2021 09:48 pm
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