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बाड़मेर

छह वर्ष से कम आयु के बच्चे कहां जाएं पढ़ने, सरकारी स्कूलों में नहीं बाल वाटिकाएं

नई शिक्षा नीति के धरातल पर आने के साथ ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की चिन्ता स्कूल खुलने ही शुरू हो गई है। दरअसल, हाल ही में प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इसके तहत बच्चों के दाखिले के लिए आयु सीमा तय की गई है। नई शिक्षा नीति के अनुसार तीन से आठ साल की आयु तक नौनिहाल को फाउंडेशन स्टेज में रखा जाएगा।

बाड़मेरJul 04, 2024 / 12:02 am

Dilip dave

नई शिक्षा नीति के तहत पहली कक्षा में प्रवेश को लेकर आयु में बदलाव

सरकार का एक नया आदेश अ​भिभावकों के लिए चिंता और ​शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। यह आदेश पहली कक्षा मे प्रवेश को लेकर आयुवर्ग बदलाव का है जिसमें छह-सात साल से कम वर्ष के बच्चों को पहली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अब समस्या यह है कि अ​भिभावक अमुमन चार-पांच के बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, लेकिन सरकारी विद्यालयों में बाल वाटिकाएं नहीं है। ऐसे में उन्हें दो साल इसलिए इंतजार करना होगा कि बच्चा बड़ा होगा तो ही पहली में पढ़ पाएगा।

​शिक्षकों की बढ़ी चिंता

नई शिक्षा नीति के धरातल पर आने के साथ ही प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की चिन्ता स्कूल खुलने ही शुरू हो गई है। दरअसल, हाल ही में प्रारंभिक शिक्षा विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया है। इसके तहत बच्चों के दाखिले के लिए आयु सीमा तय की गई है। नई शिक्षा नीति के अनुसार तीन से आठ साल की आयु तक नौनिहाल को फाउंडेशन स्टेज में रखा जाएगा।

62 हजार स्कूलों में नहीं बाल वाटिकाएं

शिक्षा विभाग ने नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के 3300 अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में बाल वाटिकाएं शुरू कर दी है लेकिन, 62 हजार सरकारी स्कूलों में अब तक बाल वाटिकाएं शुरू नहीं हो सकी है। ऐसे में छोटे बच्चों के अभिभावकों के सामने अपने नौनिहालों की शिक्षा को लेकर चिंता सता रही है। कई अभिभावक निकट का निजी स्कूल भी तलाश रहे हैं। नई शिक्षा नीति के अनुसार इस साल पहली कक्षा नहीं होगी तो अगली साल दूसरी कक्षा भी नहीं चलेगी, यह क्रम आगे तक चलता रहेगा। ऐसे में इस बार सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को भी नामांकन बढ़ाने की चिंता सता रही है।

न्यूनतम आयु की बाध्यता पर हो पुनर्विचार

“कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष की बाध्यता के चलते इस सत्र में पहली कक्षा में नामांकन कम होंगे । इस सत्र में 6 वर्ष की आयु वाले सभी बच्चे विद्यालयो में ऑलरेडी नामांकित है । क्योंकि पिछले सत्र 5 वर्ष की आयु वाले बालक बालिकाओं के प्रवेश कक्षा 1 में हो रखा है। अतः इस सत्र में 5 वर्ष की आयु वाले बच्चों का नामांकन पहली कक्षा में नहीं हो पाएगा। सरकार को चाहिए कि सभी सरकारी स्कूलों में प्री प्राइमरी कक्षाओं को शुरू किया जाना चाहिए जिससे 4 व 5 वर्ष की आयु वाले बच्चों का नामांकन हो सके। – बसन्त कुमार जाणी, जिलाध्यक्ष, राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा

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