
कोई इसका जिम्मेदार है या फिर सबने ओढ़ रखी है लापरवाही की चादर!
कोई इसका जिम्मेदार है या फिर सबने ओढ़ रखी है लापरवाही की चादर!
बाड़मेर . शहर के सिणधरी रोड़, जैसलमेर रोड़, धोरीमन्ना-सांचौर रोड़ पर हाईवे के किनारे बने नालों का निर्माण इस मंशा से किया था कि बारिश के पानी की निकासी के साथ ही गंदे पानी की त्वरित निकासी हों। लेकिन ये नाले अब रहवासियों, व्यापारियों और इस मार्ग से गुजरने वालों के लिए आफत बन गए है। बारिश के बाद नाले जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गए है। बारिश के दिनों में भारी-वाहन गुजरे तो कई नालों की पट्टियां उखड़ गई जो दूसरे मार्ग से इनकी जोड़ती है तो यह रास्ते ही बंद करने पड़ गए है। गंदगी ऐसी अटी है कि मौसमी बीमारी के इस दौर में लोग बीमार हो रहे है। इस परेशानी की सुनवाई कहीं नहीं है। नगरपरिषद हाईवे से जुड़े नाले होने से इनकी तरफ ध्यान नहीं दे रही है। हाइवे ऑथरिटी ने नालों का निर्माण करवा दिया। अब किसी तरह की सुध नहीं ले रही है। प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है। महीनों और सालों से सफाई के अभाव में जर्जर, गंदगी का भरमार और समस्या बने इन नालों को लेकर सभी जिम्मेदारों ने लापरवाही की चादर ओढ़ रखी है।
25 हजार की आबादी प्रभावित
बलदेवनगर, रामनगर, गांधीनगर, महावीर नगर, विष्णु कॉलोनी, रीको ओद्यौगिक क्षेत्र सहित करीब 25 से 30 हजार आबादी का पूरा इलाका नालों इस समस्या से ग्रसित है। ओद्यौगिक व व्यापारिक क्षेत्र बन रहा सिणधरी रोड़, कृषि उपज मण्डी, दूध डेयरी, जैसलमेर रोड़ इलाका भी प्रभावित है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
Published on:
21 Sept 2022 07:22 pm
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