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योग हमारी संस्कृति और प्रकृति का प्रतिबिंब

योगासन प्रतियोगिता के लिए चार दिवसीय जज और रेफरी ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला प्रारंभ

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योग हमारी संस्कृति और प्रकृति का प्रतिबिंब

योग हमारी संस्कृति और प्रकृति का प्रतिबिंब

बाड़मेर. एनवाईएसएफ के तत्वावधान में राजस्थान योगासना स्पोट्र्स एसोसिएशन की ओर से जज और रेफरी की ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए प्रदेशाध्यक्ष चन्द्रप्रकाश पुरोहित की अध्यक्षता में चार दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि योग आयोग के चेयरमैन डॉ.जय दीप आर्य थे। जयदीप आर्य ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की आत्मा है।

योग जो आज विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुका है वर्तमान समय में योग खेल के रूप में पूर्ण रूप से प्रभाव दिखा रहा है. प्रदेश सचिव प्रदीप शर्मा ने योगासन प्रतियोगिता के पाठ्यक्रम को बताते हुए तकनीकी सत्र को प्रारम्भ किया और प्रशिक्षण प्रभारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को पाठ्यक्रम को लेकर जानकारी दी।

राजस्थान योगासना स्पोट्र्स एसोसिएशन के जिला प्रभारी दिलीप कुमार तिवाड़ी ने बताया कि इस ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यशाला में बाड़मेर से रेवंत सिंह सोढा,किशोर जोशी,पदम सिंह रानी गांव,हनु मान राम डऊकिया, चेतना मोरवाल,दुर्गा तिवाड़ी,प्रियंका,महिपाल कमेडिया,शशीलता,,जयंत,मनोहर सिंह 13 परीक्षार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं।

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