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अंजड़ में कपास के कम भाव मिलने से फूटा किसानों को गुस्सा, स्टेट हाईवे किया जाम

हंगामेदार माहौल होने के बाद नीलामी हुई बंद, किसानों ने किया व्यापारियों का विरोध, माहौल गरमाने के बाद सुबह नहीं हो सकी नीलामी, दोपहर में हुई शुरू

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Farmers blocked the Khandwa Baroda State Highway route

Farmers blocked the Khandwa Baroda State Highway route

बड़वानी. जिले की अंजड़ मंडी में कपास के भाव कम मिलने से मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और किसान सड़क पर उतर आए। किसानों को उपज का कम भाव मिलने से किसान इतने भड़क गए कि उन्होंने खंडवा-बड़ौदा स्टेट हाईवे को जाम कर दिया। किसानों ने सीसीआई और व्यापारियों का विरोध करते हुए एक घंटे तक रोड जाम कर रखा। हाईवे जाम करने की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों को समझाईश दी। काफी देर समझाईश देने के बाद किसानों को गुस्सा शांत हुआ और वे रोड से हटे। यहां विरोध कर रहे किसानों ने बताया कि सीसीआई द्वारा अच्छी गुणवत्ता के कपास को भी रिजेक्ट किया जा रहा है। इससे किसानों को नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही जो व्यापारी किसानों की उपज की खरीदी कर रहे हैं, वे भी औने-पौने दामों में कपास खरीद रहे हैं। किसानों ने बताया कि पहले ही अधिक बारिश होने से किसानों की फसलें चौपट हो गई हैं और अब व्यापारी कम भाव दे रहे हैं। ऐसे में किसानों की फसलों में लगा खर्च निकलना भी मुश्किल है।

अधिकारियों ने पहुंच की चर्चा
किसानों ने दोपहर करीब डेढ़ बजे जब रोड जाम किया तो जानकारी मिलने पर एसडीएम विरसिंग चौहान, तहसीलदार वंदना चौहान और मंडी सचिव ने मौके पर पहुंच किसानों से चर्चा की। यहां प्रदर्शन कर रहे किसानों को अधिकारी मंडी परिसर में ले गए और उनसे वहां चर्चा शुरू की। इस दौरान किसानों ने सीसीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक अर्जुन दवे को मंडी बुलाकर सभी प्रकार के कपास को खरीदी की बात पर मंडी में बुलाया गया। किसानों ने बताया कि सीसीआई द्वारा कुछ वाहनों की ही खरीदी की जा रही है। किसानों ने यहां सभी का कपास सीसीआई द्वारा खरीदे जाने की मांग रखी। किसानों ने आरोप लगाया कि सीसीआई और व्यापारी आपसी मिलीभगत से कपास की खरीदी कर रहे हैंं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हंगामेदार माहौल के बीच दोपहर बाद मंडी में सीसीआई की खरीदी प्रारंभ हो सकी।

मनमनानी कर रहे हैं व्यापारी, सीसीआई से नाराज
किसानों ने बताया कि सीसीआई का रवैया किसानों के प्रति सही नहीं है। वहीं व्यापारी मनमाने ढंग से खरीदी कर रहे हैं। सीसीआई द्वारा 12 प्रतिशत से अधिक नमी और गुठली वाला कपास नहीं खरीदने का प्रावधान होने से व्यापारी कम भाव दे रहे हैं। किसानों के अनुसार सीसीआई की उदासीनता के चलते व्यापारी किसानों से 4800 रुपए तो किसी को 4900 रुपए प्रति क्विंटल में कपास खरीद रहे हैं। मंगलवार को सीसीआई अधिकारी और किसानों के बीच कपास के सही भाव को लेकर भी विवादित स्थिति बनी रही। सीसीआई कांटन सिलेक्टर के द्वारा बि ग्रेड कपास खरीदने से मना करने पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार के प्रति रोष प्रकट किया।

वर्जन...
सरकार की अनदेखी के चलते किसानों के साथ धोखा किया जा रहा है। मंडी में उनकी खून-पसीने की कमाई को लूटने में लगे हैं। ज्यादातर किसानों को सीसीआई से रिजेक्ट करने के बाद व्यापारियों द्वारा तय किए रेटों पर ही कपास बेचना पड़ता है।
किसान नेता पुरूषोत्तम पाटीदार अंजड
मंडी में कपास के भाव कम मिलने कि शिकायत करते हुए किसानों ने कुछ देर के लिए चक्काजाम किया था। बारिश ज्यादा होने के कारण कपास की फसल खराब हुई है। किसानों कि यह मांग है कि सीसीआई द्वारा ए और बी ग्रेड दोनों प्रकार कि क्वालिटी का कपास खरीदा जाए। सीसीआई के क्षेत्रीय अधिकारी से बात करने के बाद अब सीसीआई ने ए और बी ग्रेड दोनों प्रकार का कपास खरीदी शुरू कर दी है। पिछले साल कि तुलना में इस बार आवक आधी से कम पर आ चुकी हैं।
हिम्मतसिंग जमरा, मंडी सचिव
आज से लोवर क्वालिटी कपास कि खरीदी शुरू करवा दी गई हैं। कपास में 8 से 12 प्रतिशत तक नमी होनी चाहिए। साथ ही काला और ज्यादा गुठली वाले कपास की खरीदी नहीं की जाएगी।
अर्जुन दवे, क्षेत्रीय प्रबंधक भारतीय कपास निगम