
Forest dapartment seized woods and furniture shops operated without licence
सेंधवा. वन विभाग की टीम ने रविवार को अचानक शहर स्थित लकड़ी की दुकानों पर दबिश दी। इस दौरान दुकानों के रजिस्ट्रेशन, लकड़ी के बिल आदि की जांच की गई। इस दौरान अनियिमितता मिलने पर एक दुकान को सील भी कर दिया गया। साथ लकड़ी भी जब्त कर ली गई। कार्रवाई देर शाम तक जारी रही। इससे दुकान संचालकों में हड़कंप से स्थिति बनी नजर आई।
लड़की के दरवाजे, खिड़की एवं फर्नीचर की दुकानों का लाइसेंस एवं लकड़ी बेचने के बिलों की जांच की गई। कई दुकानों पर बिल एवं लाइसेंस नहीं मिला। देर शाम तक तीन दुकानों का पंचनामा बनाया गया। दुकानों को सील भी किया गया है। इस दौरान दुकान संचालकों के खिलाफ वन विभाग की टीम ने प्रकरण भी बनाए हैं। सुबह 11 बजे के करीब वन विभाग की टीम रेंजर इंदेश आछले के नेतृत्व में शहर स्थित लकड़ी की दुकानों पर पहुंची। टीम को अचानक पहुंचा देखकर दुकान संचालक घबरा गए। टीम ने तत्काल दुकानों की लाइसेंस, रजिस्टे्रशन एवं लकड़ी के बिलों की जांच शुरू की। सबसे पहले टीम सेंधवा के पुराने एबी रोड स्थित सड़क पर लगी दुकान में पहुंची। यहां पर दुकान संचालक नहीं मिला। ऐसे में टीम के सदस्यों ने दुकान पर मौजूद सभी लकडिय़ों को जब्त कर लिया। जब्त लकडिय़ां वन डिपो सेंधवा में भिजवा दिया गया। इसके बाद टीम मोतीबाग स्थित खलवाड़ी रोड पर पहुंची। यहां पर स्थित अल्तमस फर्नीचर मार्ट पर टीम ने जांच शुरू की। जांच में पाया गया कि दुकान का रजिस्टे्रशन एवं लाइसेंस नहीं है। इसपर टीम ने मौके पर ही पंचानामा बनाकर दुकान को सील कर दिया। जांच के समय दुकान का मालिक आमीन पिता अब्बास अनुपस्थित रहा। यहां से थोड़ी दूरी पर ही स्थित नौशाद अली की फर्नीचर दुकान पर भी जांच की गई। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की गई। इसी प्रकार एबी रोड स्थित कमल नगर में जेपी शर्मा की फर्नीचर की दुकान पर भी वन विभाग की टीम पहुंची। टीम ने लाइसेंस एवं लकड़ी के बिलों की जांच पड़ताल की। टीम की ओर से देर शाम तक कार्रवाई जारी रही। खबर लिखे जाने जांच पड़ताल का कार्य जारी रहा। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दुकानों को सील किया गया है। सील की गई दुकानों के संचालकों के खिलाफ प्रकरण बनाए गए हैं। इनके खिलाफ वन विभाग के कानून के अनुसार कार्रवाई होगी। वन विभाग की कार्रवाई से फर्नीचर दुकान संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। कार्रवाई में वन विभाग का आधा दर्जन अमला शामिल था।
शिकायत मिलने पर की कार्रवाई
डीएफओ आरके राय ने बताया कि सेंधवा शहर में कई स्थानों पर बिना लाइसेंस एवं बिना लकड़ी के बिल के फर्नीचर बेचने का कार्य चल रहा था। इसकी शिकायत मिलने पर टीम गठित कर जांच के लिए भेजा गया था। रेंजर इंदेश आछले के साथ उनकी टीम नगर स्थित लकड़ी की फर्नीचर दुकानों पर जांच करने पहुंची। उन्होंने एबी रोड स्थित सड़क पर लगी दुकान से लकड़ी के दरवाजे एवं चौखटें जब्त कर वन विभाग के कार्यालय में भेजी। इसके बाद टीम मोतीबाग स्थित खलवाड़ी मार्ग पर पहुंची। बिना लाइसेंस के दुकान संचालन पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसी कार्रवाई अभी आगे भी जारी रहेगी।
चौखट, खिड़की, फनीर्चर पर खास ध्यान
कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम की ओर से दुकानों पर चौखट, खिड़की, फर्नीचर पर खास ध्यान दिया गया। इस संबंध में बिल की जानकारी ली गई। कुछ दुकानों पर संचालक बिल नहीं प्रस्तुत कर सके तो कुछ दुकानों पर संचालक ही उपस्थित नहीं थे। ऐसे में कीमती लकडिय़ों से बने चौखट, फर्नीचर एवं खिड़कियों को जब्त कर दुकान सील कर दिए गए। रात साढ़े सात बजे तक वन विभाग की टीम कार्रवाई में जुटी रही। जब्त लकडिय़ों की कीमत का आंकलन भी जारी रहा।
Published on:
28 Aug 2017 12:04 pm
बड़ी खबरें
View Allबड़वानी
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
