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लाड़ली बहना के फार्म भरने चढ़ना पड़ रहा पहाड़, खेत-खलिहानों में भरा रहे फार्म

प्रदेश में 30 अप्रैल तक लाड़ली बहना योजना के फार्म ऑनलाइन भरा रहे हैं, इस योजना के तहत गांव-गांव और घर घर जाकर कर्मचारी फार्म भर रहे हैं, लाड़ली बहना सहित फार्म भरने वाले कर्मचारी को कभी खेत, तो कभी खलिहान में बैठकर फार्म भरना पड़ रहा है.

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लाड़ली बहना के फार्म भरने चढ़ना पड़ रहा पहाड़, खेत-खलिहानों में भरा रहे फार्म

लाड़ली बहना के फार्म भरने चढ़ना पड़ रहा पहाड़, खेत-खलिहानों में भरा रहे फार्म

बड़वानी. प्रदेश में 30 अप्रैल तक लाड़ली बहना योजना के फार्म ऑनलाइन भरा रहे हैं, इस योजना के तहत गांव-गांव और घर घर जाकर कर्मचारी फार्म भर रहे हैं, चूंकि वे फार्म भरने के लिए लेपटॉप तो अपने साथ ले जाते हैं, लेकिन उसमें नेटवर्क नहीं आ रहा है, इस कारण लाड़ली बहना सहित फार्म भरने वाले कर्मचारी को कभी खेत, तो कभी खलिहान में बैठकर फार्म भरना पड़ रहा है, ऐेसे में कई बार तो उन्हें पहाड़ पर भी चढऩा पड़ रहा है।

इन दिनों शहर सहित जिलेभर में गांव-फलियों तक मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई लाड़ली बहना योजना का माहौल नजर आ रहा है। पात्र महिलाएं फार्म ऑनलाइन करवा रही है। इस दौरान जिले में कई ऐसी लोकेशन हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलता। वहां पहाड़ियां और ऊंचे स्थान ही भरोसा बने हुए है। इसके लिए लाडली ग्रामीण बहनों को भी फार्म भरने के लिए पहाड़ों से लेकर खेतों तक या जहां नेटवर्क मिले वहीं दौड़ लगानी पड़ रही है।

जानकारी के अनुसार बड़वानी जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में 163 ऐसी लोकेशन हैं, जहां मोबाइल नेटवर्क और बिजली की समस्या आ रही है। वहां लाड़ली बहना योजना के फॉर्म भरवाने में अमले को भी परेशानियां आ रही है। नियुक्त मोबाइलाइजर पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों और खेतों में पहुंचकर, जहां भी मोबाइल नेटवर्क मिल रहा हैं, वहां कैंप लगाकर या बिछोना बिछाकर लाड़ली बहना योजना में ई-केवाईसी कर रहे हैं।

सर्वर नहीं हो रहा कनेक्ट

जिले के कई पहाड़ी व पहुंच मार्ग स्थान ऐसे हैं, जहां मोबाइल सिर्फ गेम खेलने के काम ही आता है। वहां ग्रामीणों को कॉलिंग करने के लिए ऊंचे व पहाड़ी स्थानों पर चढक़र नेटवर्क ढूंढना पड़ता है। कहीं नेटवर्क नहीं मिल रहा, तो कई बार महिलाओं के मोबाइल पर ओटीपी नहीं मिल पा रहा है। आधार कार्ड में सुधार करने में कई मोबाइल नंबर पर 2 से 4 दिन बाद भी कंफर्म ओटीपी मिल पा रहा है।

दूरस्थ अंचल में आरही समस्याएंऐसे गांवों में लाड़ली बहनों के शिविर के दौरान अमले को परेशानी झेलना पड़ रही है। हालांकि अमला पहाड़ों से लेकर खेतों तक पहुंचकर, जहां भी नेटवर्क मिलने पर सर्वर कनेक्ट हो रहा हैं, वहीं फार्म ऑनलाइन करवा रहे है। हालांकि ऐसी स्थिति में कई जगह महिलाओं को तेज धूप में ऊंची पहाड़ों पर चढ़ने के साथ लंबी दूरी भी तय करना पड़ रही है।

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