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वर्ल्ड स्काउट डे : कच्ची मिट्टी जैसे होते हैं बच्चे, आप जिस आकार में चाहें, ढाल सकते हैं

Story of world scout day in india - नवीन प्रयोगों से बच्चों को सिखा रहे अनुशासन का पाठ

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इंदौर : नैतिकता, योग्यता का विकास करने के उद्देश्य से भारत में स्काउट एवं गाइड ( scout guide ) की स्थापना की गयी थी। कहते हैं कि एक बच्चा कच्ची मिट्टी जैसा होता है, आप जिस आकार में चाहें, उसे ढाल सकते हैं। नन्हे-मुन्ने गलत राह पर न जाएं और एक बेहतर भविष्य का निर्माण हो सकें, इसके लिए स्काउट्स को नवीन प्रयोगों के जरिए अनुशासन का पाठ सिखाया जा रहा है।

इसमें समय पर उठना, प्रार्थना, देश के वीरों की कहानियां उन्हें बताई जा रही हैं, ताकि वे अनुशासन को अपने जीवन का अभिन्न अंग बना सकें। भारत स्काउट-गाइड जिला संघ इंदौर के अध्यक्ष भंवर शर्मा ने बताया कि हर स्कूल में अलग-अलग प्रयोगों के जरिए बच्चों को अनुशासन सिखाया जा रहा है, इनमें कई तरह की एक्टिविटीज जैसे खेल, कैम्प फायर, देश का इतिहास बताना, परेड, कई काम्पटीशन आदि शामिल हैं।

यातायात के सीख रहे नियम : शहर के स्कूलों में बच्चों को यातायात के नियमों से अवगत कराने का एक नया प्रयोग किया गया है। इसके तहत स्काउट यूनिट्स विभिन्न स्कूलों में जाकर बच्चों को यातायात का प्रशिक्षण दे रही हैं। जानकारी के अनुसार, इसके तहत यह यूनिट्स पूरे इंदौर जिले में यह कार्यक्रम चला रही हैं,ताकि कोई बच्चा यातायात के नियमों का न तोड़े।

इस तरह की ट्रेनिंग में उन्हें ट्रैफिक सिग्रल की विभिन्न लाइट्स का मतलब, सडक़ पर वाहन चलाने के नियम, सडक़ पर बनी विभिन्न प्रकार की लाइनों के अर्थ, गाड़ी चलाने की स्पीड, लाइसेंस बनवाने की सही उम्र, गाड़ी चलाने की सही उम्र आदि के बारे में बताया जा रहा है।

पूरे जिले में काम कर रहीं 8 से 10 ओपन यूनिट : पूरे जिले में स्काउट और गाइड की ओपन यूनिट काम कर रही हैं, जो बच्चों को यातायात के नियमों के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं, रेंडम एक्टिविटीज, स्टोरी टेलिंग, कैम्प्स के जरिए अनुशासन और देश सेवा की सीख दे रही हैं। जानकारी के अनुसार पूरे जिले में मान्यताप्राप्त आठ से 10 ओपन यूनिट काम कर रही हैं। वहीं सरकारी स्कूलों के करीब 75 फीसदी टीचर्स को स्काउट ट्रेनिंग दी जा चुकी है और वे अपने स्कूलों में अनुशासनात्मक गतिविधियां संचालित कर रहे हैं।

हमारा मुख्य उद्देश्य है मोटीवेट करना

हमारा उद्देश्य विभिन्न प्रयोगों के जरिए बच्चों को मोटिवेट करना है। स्कूलों के शिक्षकों को ट्रेनिंग देकर उन्हें स्काउट के नियम और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। हम कई तरह की एक्टिविटीज करवाकर बच्चों को अनुशासन और देश सेवा की शिक्षा देते हैं। - तेजकुमार सिलावट (जिला ट्रेनिंग काउंसलर, स्काउट एंड गाइड)