5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

canal – नहरों में छोड़ा पानी, सिंचाई से जगी उम्दा खेती की आस

इंदिरा सागर परियोजना की नहरों में छोड़ा पानी, किसानों को सिंचाई के लिए मिलेगा भरपूर पानी नहरों में पानी छोडऩे के बाद कई किसानों ने शुरू कर दी बोवनीकई जगहों पर नहर में रिसाव से कई किसान परेशान

2 min read
Google source verification
Water released in canal

मुख्य नहर में आया पानी।

बड़वानी. क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पानी देने बनी इंदिरा सागर परियोजना की नहर में पानी छोड़ा गया है। नहर में पानी आने के बाद अब किसानों ने गर्मी के सीजन की बोवनी भी शुरू कर दी है। नहरों में पानी आने से क्षेत्र के हजारों किसानों को इसका फायदा मिलता है। नहरों से किसान खेतों को सिंचित कर अच्छी उत्पादन कर पाएंगे। भीषण गर्मी के दौरान नहरों में पानी आ जाने से किसानों के चेहरों पर खुशी है। जिन किसानों के पास सिंचाई के लिए कोई साधन नहीं है, वे नहरों के भरोसे ही रहते हैं। नहरों से बिना बिजली के किसान आसानी से खेतों तक पानी पहुंचा कर सिंचाई कर रहे हैं। इंदिरा सागर की नहरों में भले पानी आ गया, लेकिन इसका फायदा उन किसानों को नहीं होगा, जिनके खेतों माइनर नहरों का निर्माण अधूरा पड़ा है। वहीं कई स्थानों पर माइनर केनाल टूटी हुई है। इससे भी कई किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाएगा।

रिसाव से हो रही समस्या
इंदिरा सागर परियोजना की नहरों में पानी तो आ गया, लेकिन कई स्थानों पर रिसाव की समस्या बनी हुई है। इससे नहरों के क्षतिग्रस्त होने का डर भी बना हुआ है। पिछले साल भी नहर में पानी छोडऩे के बाद मुख्य नहर दो स्थानों से क्षतिग्रस्त हो गई थी, उस दौरान बड़ी मात्रा में पानी बेकार बह गया था। नहर फूटने के बाद पानी रोका गया और उन स्थानों की मरम्मत कर फिर से पानी छोड़ा गया, तब जाकर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचा।

इधर नहर दुरुस्त कराने की मांग
ग्राम बोरलाय क्षेत्र में बनाई गई माइनर केनाल टूटी होने से पानी नाले में बेकार बह रहा है। वहीं शरारती तत्वों के द्वारा मुख्य नहर में बड़े पत्थर डालने से धनोरा से आगे के गांव में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसको लेकर बोरलाय के हलधर आर्गेनिक किसान ने एसडीएम को अवगत कराया था। दो दिन पूर्व एसडीएम ने पटवारी के साथ मुआयना कर पंचनामा बनाया था और एनवीडीए के अधिकारी को सुधार के निर्देश दिए थे। अब तक अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। ग्राम बोरलाय के उन्नत किसान सुरेश अंबाराम मुकाती ने बताया कि 16 मई से मुख्य केनाल में पानी शुरु हुआ है, लेकिन यहां माइनर केनाल नाले के पास फूटी हुई है। इससे पानी आगे उटावद व धनोरा की माइनर तक पानी नहीं पहुंचता। यहां केनाल का छह किमी निर्माण हुआ है। बड़ी संख्या में किसान इससे सिंचाई का लाभ लेते है। अभी खरीफ सीजन में कपास फसल के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता हैं। ऐसे में केनाल को शीघ्र दुरुस्त करवाना चाहिए। वहीं किसान ने बताया कि धनोरा मुख्य केनाल पर गेट बना है। यहां शरारती तत्वों द्वारा बड़े-बड़े पत्थर व मिट्टी डालकर नहर बंद कर दी है। यह समस्या बीते तीन वर्षों से आ रही है। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होना चाहिए।