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MP में 18000 करोड़ की लगात से बिछेगी नई रेल लाइन, इन गांवों से ली जाएगी जमीन, जारी होगी सूची

Manmad-Indore railway line: मनमाड़-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना को मंजूरी मिले एक साल बीत चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश में जमीन अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया से काम अटक गया है।

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manmad-indore railway line construction project land acquisition list to release next week mp news

manmad-indore railway line construction (फोटो- Patrika.com)

MP News: मनमाड़-इंदौर रेल मार्ग (Manmad-Indore railway line) स्वीकृति को लेकर एक वर्ष हो चुका है, लेकिन अधिग्रहण को लेकर चल रही देरी के चलते परियोजना में देरी लागत बढ़ने की स्थिति निर्मित हो रही है। रेलवे संघर्ष समिति प्रमुख मनोज मराठे ने बताया कि विभिन्न जनप्रतिनिधियों के प्रयासों से अधिग्रहण की कार्रवाई में तेजी आई है।

इन क्षेत्रों में होगा भूमि अधिग्रहण

रेलवे लाइन के लिए धार जिले में अधिग्रहण की शुरूआत हो चुकी है। इसमें मानपुर, पीतमपुर क्षेत्र में अधिग्रहण की लिस्ट जारी हुई है, लेकिन अभी भी जिले के कुछ क्षेत्र धामनोद और खलघाट के कुछ गांव बाकी है। बड़वानी जिले की लिस्ट अधिग्रहण की एक सप्ताह के भीतर जारी हो जाने की संभावना है। मराठे ने धार जिले की लिस्ट की जानकारी देते हुए बताया कि पीथमपुर तहसील धार जिले के तहत 8 गांव कि अधिग्रहण की लिस्ट जारी हुई है।

केंद्रीय मंत्री ने की मांग

निमाड़ क्षेत्र मनमाड़ इंदौर रेलवे संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य खलघाट निवासी कैलाश पाटीदार ने क्षेत्र के सांसद को केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर से धार जिले की बाकी बची अधिग्रहण की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करने की मांग की है। पाटीदार ने बताया कि महाराष्ट्र में अधिग्रहण होने के साथ कई स्थानों पर मुआवजा वितरण का काम भी चल रहा है, लेकिन मप्र में अभी तक अधिग्रहण पूर्ण नहीं होने से परियोजना के काम में देरी हो रही है, जो चिंता का विषय है। जैसे ही मप्र के जिलों में अधिग्रहण पूरा होगा। वैसे ही मुआवजा वितरण शुरू होगा।

सेंधवा की 12 पंचायतों में होना है अधिग्रहण

सूत्रों ने बताया कि सेंधवा विधानसभा के तहत कुल 12 ग्राम पंचायत ऐसी है। जहां पर भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई अपेक्षित है। ग्राम पंचायत कुंडिया, मालवन, सोलवन, भामनिया, बाबदढ़, छोटा जुलवानिया, नवलपुरा, बोरली, बनिहार, कलालदा, जामन्या के अंतर्गत करीब 20 किमी रेल मार्ग के तहत आने वाले किसानों की भूमि अधिग्रहित होना है। यहां लाइन का कार्य होगा।

क्या है ये परियोजना?

इंदौर-मनमाड़ नई रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 309 किलोमीटर है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ेगी। परियोजना की कुल लागत 18036.25 करोड़ रूपये है। यह परियोजना मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों जैसे इंदौर, धार, खरगोन, और बड़वानी को सीधे महाराष्ट्र के नासिक और धुले जिलों से जोड़ेगी, जिससे इन जिलों में आर्थिक और सामाजिक विकास को बल मिलेगा। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन से औद्योगिक और कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे किसानों और उद्योगपतियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

नासिक और धुले जैसे जिलों के प्याज उत्पादक हब और इंदौर के औद्योगिक क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्राप्त होगी। इस नई रेल लाइन से उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और नासिक के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के बीच की दूरी में कमी आएगी, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बड़वानी जिला, जो कि एक आकांक्षी जिला है, पहली बार भारतीय रेलवे नेटवर्क से जुड़े़गा। इससे इस क्षेत्र के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं और आर्थिक विकास के लिए अवसर प्राप्त होंगे। (MP News)