
3909 crore rupees approved for farmer loan scheme in MP
Farmer loan scheme- मध्यप्रदेश में सोमवार को राज्य की पहली कृषि कैबिनेट आयोजित की गई। बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में मंत्रि परिषद की यह अहम बैठक हुई। कृषि कैबिनेट में किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रदेश के कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग से संबंधित कुल 27500 करोड़ रुपए की योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य कैबिनेट ने किसानों को कृषि कर्ज में बड़ी राहत दी। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ब्याज अनुदान योजना के लिए मंत्रि परिषद ने 3909 करोड़ रुपए मंजूर किए। इसी के साथ योजना के अगले 5 साल तक चलने की भी राह खुल गई।
नागलवाड़ी के जनजातीय अंचल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित मंत्रि-परिषद के सभी सदस्य आदिवासी परंपरा के वस्त्र पहने नजर आए। इसी के साथ कैबिनेट ने अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कृषि कैबिनेट में किसानों और उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 678 करोड़ रुपए की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सहकारिता से संबंधित योजनाओं के लिए तो मानो सरकार ने अपना खजाना ही खोल दिया। कैबिनेट ने सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता योजना, ब्याज अनुदान योजना सहित विभाग को खासा फंड मंजूर किया।
मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को 1975 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए। अगले 5 वर्षों यानि 31 मार्च 2031 तक संचालित करने के लिए यह राशि मंजूर की गई है। इसमें सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से लोक वित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण देना, कालातीत ऋणों की पूर्ति किए जाने के लिए किसानों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के किसानों को बिना ब्याज का कर्ज मुहैया कराने की योजना में बड़ी राहत दी है। कैबिनेट ने
किसानों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 3 909 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए यह मंजूरी दी गई है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से किसानों को अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में 3 लाख रुपए तक का कर्ज शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद योजनांतर्गत किसानों को बिना ब्याज के कर्ज की सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।
सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए मंत्रि-परिषद ने 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं के लिए कुल 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। इसके साथ ही मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए 1229 करोड़ रुपए स्वीकृत किए।
Published on:
02 Mar 2026 07:12 pm
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