विद्यार्थियों को विशेष कम्यूनिटी का हिस्सा बनने का मौका भी मिलता है। यहां वह जानकारी का आदान—प्रदान तो करते ही हैं। साथ ही रिकाॅडेड ट्रेनिंग के बिन्दु दोहराते हुए मन में आए किसी भी सवाल के जवाब वे ट्रेनर अथवा सहपाठियों से पूछ सकते हैं। ऐसे लाइव ट्रेनिंगस की सबसे बड़ी विशेषता उनकी नवीनता होती है।
जयपुर। बदलते समय के साथ शिक्षा में तेज़ी से बदलाव आ रहे हैं और कोरोना महामारी ने इस बदलाव को इंटरनेट से बखूबी जोड़ दिया है। इसी बदलाव के सफर में बिज़गुरूकुल (bizgurukul) की उपज हुई। वर्ष 2020 भारत में जन्मे यह एड-टेक प्लेटफॉर्म सीखने वालों को नए अवसर प्रदान कर रहा है। इसके जरिए आपको घर बैठे पसंद के विषय, अपनी गति से सीखने का मौका देती है। किसी उम्र विशेष का होना कदापि अनिवार्य नहीं। शर्त बस इतनी है कि आपके अन्दर सीखने की जिज्ञासा होनी चाहिए।
100 से अधिक पाठ्यक्रम
दो साल में बिज़गुरूकुल (bizgurukul) ने लगभग 100 पाठ्यक्रम तैयार किए, जो 3 खण्डों में बंटें हैं- डिजिटल आन्त्रेप्रेन्यौरशिप बंडल, र्कोसफ्लिक्स तथा इनडिमाण्ड। ‘इनडिमाण्ड‘ नाम से ही अपना सम्पूर्ण परिचय देता है। इनडिमाण्ड का मूल ‘कंटेन्ट एण्ड ट्रेनर दैट ट्रेन टु माॅनेटाइज‘ है। इस खण्ड ने हाल ही में अपनी पहली ट्रेनिंग को अंजाम दिया। इनडिमाण्ड के माध्यम से विद्यार्थी लाइव, मतलब इन रीयल टाइम, ट्रेनर से सीख सकते हैं। अपने प्रश्नों के उत्तर क्यू एण्ड ए सेशन में पूछ सकते हैं। ट्रेनिंग कर, समाप्ति प्रमाणपत्र, नोट्स अथवा वर्कबुक भी उन्हें डिजिटली हासिल हो जाते हैं।
इतना ही नहीं ट्रेनिंग के बाद विद्यार्थियों को विशेष कम्यूनिटी का हिस्सा बनने का मौका भी मिलता है। यहां वह जानकारी का आदान—प्रदान तो करते ही हैं। साथ ही रिकाॅडेड ट्रेनिंग के बिन्दु दोहराते हुए मन में आए किसी भी सवाल के जवाब वे ट्रेनर अथवा सहपाठियों से पूछ सकते हैं। ऐसे लाइव ट्रेनिंगस की सबसे बड़ी विशेषता उनकी नवीनता होती है। किसी भी क्षेत्र की अधुनातम जानकारी हमारे और आप तक पहुंचाना इनडिमाण्ड की खासियत भी है, और लक्ष्य भी। यह बताना आवश्यक है कि यह खण्ड ट्रेनर्स को भी अपने मंच का प्रयोग कर उन्हें आगे बढ़ने में लाभकारी साबित हो रहा है।