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डॉ अर्चना शर्मा सुसाइड मामले को लेकर ओपीडी सेवाएं ठप, इमरजेंसी में 7 गुना बढ़े मरीज

-सामान्य मरीज भी उपचार के लिए इमरजेंसी में पहुंच रहे

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Apr 02, 2022
डॉ अर्चना शर्मा सुसाइड मामले को लेकर ओपीडी सेवाएं ठप, इमरजेंसी में 7 गुना बढ़े मरीज

-निजी अस्पतालों में चार दिन से मेडिकल सेवाएं ठप


शाहपुरा (जयपुर)। दौसा के लालसोट में निजी अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना शर्मा के सुसाइड मामले को लेकर जयपुर जिले के शाहपुरा में चिकित्सकों का विरोध व कार्य बहिष्कार चार दिन से लगातार जारी है। कस्बे के राजकीय उपजिला अस्पताल में शनिवार को भी चिकित्सकों ने दो घंटे सामुहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर ओपीडी में मरीजों को नहीं देखा। सुबह से ही चिकित्सकों के चैम्बर खाली पड़े रहे।

अेापीडी सेवाएं छप होने से अब सामान्य मरीज भी राजकीय अस्पताल की इमरजेंसी में उपचार कराने पहुुंच रहे हैं। इसके चलते अस्पताल की इमरजेंसी में अन्य दिनों की अपेक्षा दो दिन से ६ से ७ गुना मरीज बढ़ गए। शनिवार को भी इमरजेंसी में करीब ४०० से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इधर, चिकित्सक के सुसाइड मामले को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के आह्वान पर पिछले चार दिन से निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद है। निजी अस्पतालों के चिकित्सक दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की सरकार से मांग कर रहे हैं।

वहीं, इंडियन डेंटल एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन करते हुए लगातार तीसरे दिन ओपीडी सेवाएं बंद रखी। चिकित्सकों ने कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। चिकित्सक उपचार कर मरीजों की जान बचाते हैं। महिला चिकित्सक ने भी पूरा प्रयास किया था। इसके बावजूद उसे मानसिक प्रताडऩा देकर आत्महत्या करने को मजबूर किया गया। चिकित्सकों ने दोषी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने व उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन शाखा शाहपुरा के अध्यक्ष डॉ महेंद्र श्रीया, रीजनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ रजनीश शर्मा, डेंटल एसोसिएशन के डॉ. महेश पूनिया, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. राजेश पलसानिया, डॉ. राजेश हरितवाल, डॉ. घनश्याम मीना सहित कई चिकित्सकों ने कहा कि दोषियों को सजा मिलने तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

Published on:
02 Apr 2022 09:57 pm
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