बस्सी

सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार: गांव में सन्नाटा छा गया, घरों में नहीं जले चूल्हे

जयपुर से दोपुर गांव आते समय 24 अक्टूबर यानि दीपावली के दिन ड्यूटी से आते समय रास्ते में सड़क दुघर्टना में घायल सीआरपीएफ के जवान मदनलाल जोगी ने 6 नवम्बर को जयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

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Nov 08, 2022

बस्सी. जयपुर से दोपुर गांव आते समय 24 अक्टूबर यानि दीपावली के दिन ड्यूटी से आते समय रास्ते में सड़क दुघर्टना में घायल सीआरपीएफ के जवान मदनलाल जोगी ने 6 नवम्बर को जयपुर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सोमवार को सीआरपीएफ के जवानों की सलामी व मार्च पास्ट के बाद सम्मान के साथ गांव में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

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जवान के बड़े भाई रामजीलाल जोशी ने बताया कि उनका भाई चण्डीगढ़ में सीआरपीए की 51वीं बटालियन में हैडकांस्टेबल के पद पर तैनात था। दीपावली पर वह गांव आने के लिए जयपुर तक आ गया था, जयपुर में उसने अपने छोटे भाई को बाइक लेकर बुला लिया। दोनों भाई बाइक से बहन के यहां मिलकर आ रहे थे। दादी का फाटक के समीप सड़क पर उनकी बाइक फिसल गई जिसमें सीआरपीएफ का जवान मदनलाल जोगी के सिर में गम्भीर रूप चोट आने से घायल हो गया। जिसको जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया।

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इलाज के दौरान 6 नवम्बर दोपहर दो बजे दम तोड़ दिया। इस दौरान सीआरपीएफ से उच्च अधिकारी व जवानों ने मदनलाल के पार्थिव शरीर को जयपुर से उनके गांव दोपुर ले जाया गया। इस बीच रास्ते में बांसखोह फाटक व अन्य जगह पर लोगों ने जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की और जब तक सूरज चांद रहेगा मदन तेरा नाम रहेगा के जयकारे भी लगाए। इसी के साथ ही जगह-जगह पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद थे। इस मौके पर पूरे गांव में सन्नाटा छा गया और घरों में चूल्हे तक भी नहीं जले।



मृतक मदन लाल जोगी के दो बच्चे व दो बच्ची है। वह तीन भाईयों में मंझले थे और एक बहन है। पत्नी, बच्चे व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस मौके पर राज्य सरकार के पूर्व राज्य मंत्री जितेंद्र मीणा व जिला पार्षद बाबूलाल मीणा झालरा भी पहुंचे।

Published on:
08 Nov 2022 10:31 am
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